उन्होंने कहा कि वो 2012 में क्रिसमस पर घर आएंगे। 22 तारीख को उनका फोन आया और उन्होंने कहा, "मुझे लेने एयरपोर्ट मत आना। मैं नहीं आ रहा हूं। मैं बहुत डिप्रेस्ड हूं, मैं एक काउंसलर से सलाह ले रहा हूं और उसने मुझे घर आने से मना किया है।" आखिरकार वो जनवरी में घर आए, लेकिन उन्होंने अपने डिप्रेशन के बारे में बात करने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद हमारे बीच खूब झगड़ा हुआ और वो घर छोड़कर चले गए। फिर मैंने उन्हें सीधे अदालत में देखा। वो कार से घर आए थे और कार से ही वापस चले गए। मैंने सोचा था कि वो वापस आएंगे, लेकिन वो नहीं आए और न ही उन्होंने मेरा फोन उठाया।
मुझे उनकी बहुत चिंता हो रही थी इसलिए मैंने उस कंपनी को फोन किया जहां से उन्होंने कार हायर की थी। फोन एक महिला ने उठाया और उसने बताया कि इन्होंने कार वापस कर दी है। वो महिला बोलती गई, "मुझे याद है, उन्होंने क्रिसमस पर भी एक कार कार हायर की थी। तब उन्होंने सबसे महंगी कार ली थी और इस बार सबसे सस्ती कार। "फिर उसने कहा, "मैं आपकी मदद कर सकती हूं। शायद उन्होंने अपना पता वेस्ट मिडलैंड में कहीं बताया था।"
फिर उसने मुझे वो पता दे दिया क्योंकि मैंने इनके मानसिक स्वास्थ्य को लेकर काफी चिंता जताई थी। मुझे नहीं लगता कि उस महिला की मदद के बिना मुझे इनकी दूसरी शादी के बारे में कभी पता चल पाता। मुझे कभी उसे शुक्रिया कहने का मौका नहीं मिला। मैंने उसके दिए पते पर नजर डाली और वहां फोन किया। फोन नहीं लगा, उसकी जगह एक वॉइसमेल गया। फिर मैंने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर पता लगाया कि उस पते पर एक शख़्स रहता है जो मस्कट (ओमान की राजधानी) में काम करता है।मुझे लगा कि जरूर वो इनका कोई दोस्त होगा और ये डिप्रेशन से परेशान होकर उसके यहां चले गए होंगे। मैंने सोचा कि ये बहुत डिप्रेशन में हैं और इनमें इतनी क्षमता नहीं है कि ये दूसरा अफेयर करें और उसे छिपा सकें। इसलिए उस वक़्त मैंने इन पर शक नहीं किया।
आखिरकार मेरी मौरिस से बात हुई और मैंने कहा कि अगर वो अपने परिवार को छोड़कर, अपने बच्चे को गुडबाय कहे बिना जा सकते हैं तो उन्हें मेरे परिवार का हिस्सा बने रहने का कोई हक नहीं है। इसके बाद मैंने तलाक की प्रक्रिया शुरू कर दी।मैंने साल 2013 में फेसबुक पर उनकी बहनों की एक तस्वीर देखी थी। तस्वीर में उनकी एक बहन ने 'फैसिनेटर' (शादियों में पहनी जाने वाली हैट) पहन रखी थी। उस तस्वीर को देखकर भी मेरे मन में एक शक-सा पैदा हो गया था और वो शक गया नहीं।वो तस्वीर देखकर मैंने अपने एक दोस्त से पूछा भी था कहीं मौरिस ने दूसरी शादी तो नहीं कर ली। मैं जानती थी कि मेरा ये सवाल कितना अजीब था। मेरे दोस्त भी इस सवाल पर हंसे थे और कहा था कि मैं हंसने लायक बात कर रही हूं। इस घटना के एक साल बात तक मुझे सच का पता नहीं चला।
कुछ समय बाद मुझे न जाने क्या हुआ कि मैंने महिला के दिए नंबर पर एक बार फिर फोन किया और ऐसे दिखाया जैसे मैं उस कार कंपनी से बोल रही हूं जहां से मौरिस गाड़ी हायर करते थे। फोन एक पुरुष ने उठाया। मैंने उनसे पूछा, "क्या आप बता सकते हैं कि आपका मौरिस से क्या रिश्ता है?" "मैं उनका साला हूं।" उधर से जवाब आया। मैंने फोन रख दिया और कुछ देर बाद दोबारा कॉल किया। फोन एक महिला ने उठाया। इस बार मैंने अपना सही परिचय दिया और कहा, "मुझे समझ नहीं आ रहा है कि उन्होंने ख़ुद को मौरिस का साला क्यों बताया।" "क्योंकि उनकी शादी मेरी बहन से हुई है। " महिला ने जवाब दिया। मुझे याद है, उसका जवाब सुनकर मैं जोर से कांपने लगी थी। मैंने फोन पकड़े हुए अपने हाथ पर दूसरा हाथ रखा ताकि फोन हिले न।
ख़ुद पर काबू रखकर मैंने उससे पूछा, "क्या ये वही मौरिस हैं जो लिवरपूल से हैं?" और फिर मैंने इनका ब्योरा दिया। उधर से जवाब आया, "हां, वही मौरिस। आप कौन हैं?" मैंने कहा, "मैं उनकी पत्नी हूं।" इसके बाद दूसरी तरफ एकदम सन्नाटा छा गया। जो कुछ हुआ, मुझे उस पर भरोसा ही नहीं हो रहा था। मुझसे शादी करने के बावजूद वो किसी और से शादी कैसे कर सकते थे? लेकिन मुझे एक महिला के तौर पर और एक मां के तौर पर आगे बढ़ना था।
उस वक़्त मुझे मौरिस के दूसरे रिश्ते के बारे में कुछ मालूम नहीं था। मैं ये भी नहीं जानती थी कि उसने दूसरी शादी कब की। इसलिए मैंने ये सब अपने वकील को बताया।मौरिस ने अपने परिवार से कहा था कि वो मुझे तलाक दे चुके हैं। कुछ दिनों बाद आधी रात को अचानक मेरे मन में ख्याल आया कि मुझे इस बारे में और जानना है।मैं फेसबुक पर गई, उस महिला को ढूंढा और देखा कि उसने मौरिस के साथ प्रोफाइल पिक्चर लगा रखी थी। तस्वीर में वो अपनी शादी वाली ड्रेस पहने थी और मेरे पति को चूम रही थी। मैंने देखा कि उन्होंने 2013 में शादी की थी, यानी मौरिस के घर आने के दो महीने बाद।मेरे लिए ये शब्दों में बताना मुश्किल है कि उस वक़्त मैं कैसा महसूस कर रही थी।
मैंने जज और पुलिस को इस बारे में बताया। जांच के बाद ये साबित हो गया कि उन्होंने 'बाइगैमी' (एक शादी में रहते हुए दूसरी शादी करना) की है। उन्हें छह महीने जेल की सजा मिली और दो साल के लिए सस्पेंड कर दिया गया।उसकी दूसरी पत्नी के साथ भी धोखा हुआ था। जब मौरिस उस महिला से मिले, उन्होंने ख़ुद को तलाकशुदा बताया था।मैंने उस महिला को सारे कागजातों के साथ एक चिट्ठी लिखी। मैंने लिखा, "मुझे खेद है कि तुम्हारी ऐसी शादी हुई। मुझे यकीन है तुम्हारे लिए ये पढ़ना उतना ही मुश्किल है, जितना मेरे लिए ये लिखना।"
मौरिस ने अपने परिवार को बर्बाद क्यों किया। हमारे बेटे ने पिछले छह सालों में अपने पिता को नहीं देखा है।मैं नहीं जानती कि उन्होंने सीधे ये क्यों नहीं कहा कि वो मुझे तलाक देना चाहते हैं। क्यों वो बर्बादी के रास्ते पर गए? मैं कभी नहीं जान पाऊंगी। आखिरी फैसले में जज ने उस पर धोखाधड़ी के 56 मामले साबित किए। मौरिस ने मुझे कभी पूरा मुआवजा नहीं दिया। उन्होंने अपनी सैलरी के बारे में झूठ बोला, अपने बैंक खाते के बारे में झूठ बोला। उन्होंने बार-बार झूठ बोला। मैं दोबारा अदालत गई।ये सब झेलते-झेलते मुझ पर कर्ज हो गया। मैं एक नर्स हूं और मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं। अदालत ने मौरिस से मुझे पैसे देने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने अब तक वो पैसे मुझे नहीं दिए।मैं शुक्रगुजार हूं कि अब वो हमारी जिंदगी में नहीं हैं। मौरिस वही शख्स हैं जिससे मैंने और मेरे बच्चों ने प्यार किया, लेकिन उन्होंने हमें हर बार धोखा दिया।मैं उनसे नफरत नहीं करना चाहती। मैं उनके लिए कुछ भी महसूस नहीं करना चाहती।अब मुझे कोई ऐसा मिल गया है जो मुझे और मेरे बच्चों को समझता है। वो बहुत ही प्यारा है और मुझे बहुत ख़ुश रखता है।