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करवा चौथ 2026: सास नहीं हैं तो करवा चौथ पर कैसे निभाएं सरगी की रस्म? जानें आसान तरीका

Tue, 27 Oct 2026 01:50 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Karwa Chauth Sargi Rules: करवा चौथ पर सास की गैरमौजूदगी में भी आप अपनी पारिवारिक परंपराओं और मान्यताओं के अनुसार सरगी की रस्म निभा सकती हैं। सरगी किसी दूसरी बड़ी महिला से लेना या खुद तैयार करना आपके परिवार की परंपरा पर निर्भर करता है। त्योहार का असली महत्व प्रेम, विश्वास और परिवार के साथ जुड़े रहने में है। अपनी सेहत का ध्यान रखते हुए करवा चौथ मनाएं और जरूरत पड़ने पर व्रत रखने के तरीके के बारे में डॉक्टर से सलाह लें।

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करवा चौथ पर सास के बिना सरगी कैसे करें - फोटो : AI
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विस्तार
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Karwa Chauth Sargi Without Mother in Law: करवा चौथ का त्योहार सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ व्रत रखती हैं। इस त्योहार में सरगी की रस्म का भी विशेष महत्व होता है। परंपरागत रूप से सास अपनी बहू को सरगी देती हैं, जिसमें सुबह व्रत शुरू होने से पहले खाने-पीने की चीजें, फल, मिठाइयां और श्रृंगार का सामान शामिल किया जाता है। लेकिन हर महिला की पारिवारिक परिस्थिति एक जैसी नहीं होती।

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कई महिलाओं की सास उनके साथ नहीं रहतीं, कुछ की सास दूसरे शहर में रहती हैं, जबकि कुछ महिलाओं की सास का निधन हो चुका होता है। ऐसे में उनके मन में सवाल उठता है कि क्या सास के बिना भी सरगी की रस्म निभाई जा सकती है? सरगी कौन दे सकता है और अगर कोई सरगी देने वाला न हो, तो क्या करना चाहिए?

दरअसल, सरगी से जुड़ी परंपराएं अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों में थोड़ी अलग हो सकती हैं। इसलिए सास की गैरमौजूदगी में भी महिलाएं अपनी पारिवारिक मान्यताओं के अनुसार इस रस्म को निभा सकती हैं। आइए जानते हैं कि करवा चौथ पर सास न होने की स्थिति में सरगी की तैयारी कैसे करें और किन बातों का ध्यान रखें।
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1. सास नहीं हैं तो कौन दे सकता है सरगी?

परंपरा के अनुसार सरगी सास की ओर से बहू को दी जाती है। हालांकि, यदि सास साथ नहीं रहतीं या किसी कारण सरगी नहीं दे सकतीं, तो कुछ परिवारों में ननद, जेठानी या परिवार की किसी दूसरी बड़ी महिला से सरगी लेने की परंपरा भी अपनाई जाती है। आप अपने परिवार की मान्यताओं के अनुसार निर्णय ले सकती हैं।


2. अगर सास का निधन हो चुका है तो क्या करें?

 

अगर आपकी सास इस दुनिया में नहीं हैं, तो उनकी कमी महसूस होना स्वाभाविक है। ऐसी स्थिति में आप उनकी याद और आशीर्वाद को मन में रखते हुए अपनी सुविधा और पारिवारिक परंपरा के अनुसार सरगी की तैयारी कर सकती हैं। चाहें तो अपनी मां या परिवार की किसी बुजुर्ग महिला के साथ मिलकर सरगी की थाली तैयार करें। रस्म निभाने का तरीका परिवार की मान्यताओं पर निर्भर करता है।


3. अगर कोई सरगी देने वाला नहीं है तो क्या करें?

अगर आप अकेले रहती हैं या परिवार की कोई महिला सरगी देने के लिए उपलब्ध नहीं है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप खुद अपनी सरगी की थाली तैयार कर सकती हैं। इसमें फल, सूखे मेवे, मिठाई, नारियल और अपनी पसंद की पौष्टिक चीजें रख सकती हैं। सुबह व्रत शुरू करने से पहले अपनी परंपरा के अनुसार भोजन और पानी ग्रहण करें।


4. सरगी की थाली में क्या-क्या रखें?

सरगी की थाली में आमतौर पर फल, सूखे मेवे, मिठाई, मठरी या अन्य पारंपरिक पकवान और श्रृंगार की सामग्री रखी जाती है। कुछ परिवारों में नारियल और कपड़े भी दिए जाते हैं। अपनी पसंद, स्वास्थ्य और पारिवारिक परंपरा के अनुसार सामग्री चुनें। सुबह लंबे समय तक भूखे-प्यासे रहने से पहले पर्याप्त पौष्टिक भोजन करना उपयोगी हो सकता है।


5. क्या सरगी के लिए कोई निश्चित नियम है?

 

सरगी की परंपरा में क्षेत्र और परिवार के अनुसार अंतर हो सकता है। इसलिए किसी एक तरीके को सभी महिलाओं के लिए अनिवार्य मानना सही नहीं होगा। अगर आपके परिवार में कोई विशेष परंपरा है, तो घर के बड़े-बुजुर्गों से सलाह ले सकती हैं। सबसे जरूरी है कि त्योहार आपके लिए श्रद्धा, प्रेम और खुशी का अवसर बने, न कि अनावश्यक तनाव का कारण।

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