सरगी की तैयारी में मदद करें
करवाचौथ की शुरुआत सरगी से होती है। अक्सर सास सरगी देती हैं, लेकिन पति भी इसमें मदद कर सकते हैं। पत्नी के लिए फल, मिठाई और ड्राई फ्रूट्स खरीदकर टेबल सजाना या सुबह उठकर चाय-नाश्ते का इंतजाम करना, ये छोटे-छोटे काम पत्नी को बेहद स्पेशल महसूस कराते हैं।
दिनभर सपोर्ट सिस्टम बनें
पत्नी जब पूरे दिन भूखी-प्यासी रहती है, तो पति का दायित्व है कि वे घर के छोटे-छोटे काम खुद संभालें। पत्नी को आराम करने दें, बार-बार उनका हालचाल पूछें और उन्हें पानी पीने या आराम करने के लिए न कहें ताकि उनका आत्मविश्वास बना रहे।
गिफ्ट और सरप्राइज से जताएं प्यार
करवाचौथ पर गिफ्ट का खास महत्व है। पति चाहे तो पत्नी को ज्वेलरी, साड़ी या फिर कोई छोटा-सा पर्सनलाइज्ड गिफ्ट देकर उनका दिन खास बना सकते हैं। कई बार पति द्वारा लिखी गई एक प्यारी सी चिट्ठी या कोई छोटा-सा सरप्राइज भी पत्नी को बेहद भावुक कर देता है।
पूजा की तैयारी में हाथ बंटाएं
करवाचौथ की शाम जब महिलाएं सज-धजकर पूजा करती हैं, तो पति भी थाली सजाने, दीप जलाने और पूजा का माहौल बनाने में सहयोग कर सकते हैं। इससे पत्नी को लगता है कि वह अकेली नहीं बल्कि दोनों मिलकर यह पर्व मना रहे हैं।
चांद के निकलने तक साथ निभाएं
करवाचौथ की रात का सबसे खास पल होता है, जब पत्नी छलनी से पति को देखकर व्रत तोड़ती है। अगर पति इस पल को और रोमांटिक बना दें। जैसे साथ में चांद देखना, कैमरे में तस्वीरें कैद करना या कैंडल लाइट डिनर प्लान करना तो यह दिन हमेशा के लिए यादगार बन सकता है।