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Holi Bhai Dooj 2026: होली के बाद कब है भाई दूज? जानिए सही तारीख और महत्व

Wed, 04 Mar 2026 03:52 PM IST
Shivani Awasthi लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

Holi Bhai Dooj 2026: भाई दूज सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि भाई-बहन के अटूट रिश्ते का प्रतीक है। होली की मस्ती के बाद यह पर्व रिश्तों में अपनापन और आशीर्वाद की मिठास घोल देता है।
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भाई दूज की शुभकामना संदेश - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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Holi 2026: होली का त्योहार सिर्फ रंगों तक सीमित नहीं है। इसके बाद आने वाला भाई दूज भाई-बहन के प्रेम का खास पर्व माना जाता है। जिस तरह दीपावली के बाद भाई दूज आता है, उसी तरह होली के बाद भी भाई-बहन के स्नेह को समर्पित दिन मनाया जाता है, जिसे कई जगह भाई दूज (होली के बाद), भातृ द्वितीया या भाई टीका भी कहा जाता है। आइए जानते हैं इस साल होली के बाद वाली भाई दूज कब है औऱ यह पर्व कैसे मनाया जाता है।

भाई दूज होली 2026 कब है?
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इस वर्ष होलिका दहन 2 और 3 मार्च 2026 को हुआ। वहीं 4 मार्च को रंगों की होली खेली गई। इसके बाद भाई दूज मनाई जाएगी। होली वाली भाई दूज हर साल चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया को मनाई जाती है। इस वर्ष 5 मार्च को 2026 को मनाई जा रही है। यह तिथि होली के दो दिन बाद आती है और भाई-बहन के रिश्ते को समर्पित होती है।


भाई दूज का धार्मिक महत्व

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन बहनें अपने भाई की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। मान्यता है कि इस दिन बहन के हाथों तिलक करवाने से भाई को यमराज के भय से मुक्ति मिलती है और जीवन में खुशहाली आती है। इस पर्व को कई जगहों पर अलग-अलग नामों से जाना जाता है। 

  • भातृ द्वितीया

  • भाई टीका

  • भैया दूज

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कैसे मनाया जाता है भाई दूज?

तिलक और आरती

बहनें थाली सजाकर भाई को रोली, चावल और फूल से तिलक लगाती हैं। आरती उतारकर उसकी लंबी उम्र की कामना करती हैं।

मिठाई और उपहार

भाई बहन को उपहार देता है और बहन उसे मिठाई खिलाती है। यह परंपरा प्रेम और विश्वास का प्रतीक है।

विशेष भोजन

कई घरों में इस दिन भाई की पसंद का भोजन बनाया जाता है। कुछ स्थानों पर भाई को बहन के घर भोजन के लिए आमंत्रित किया जाता है।


होली वाले भाई दूज की खास बात

होली के बाद आने वाला भाई दूज रंगों की खुशियों को रिश्तों की मिठास से जोड़ता है। जहां होली में मस्ती और उमंग होती है, वहीं भाई दूज में स्नेह और आशीर्वाद की भावना प्रमुख होती है।


भाई दूज की पूजा विधि 

  • सुबह स्नान कर साफ कपड़े पहनें।
  • पूजा की थाली में रोली, चावल, दीपक, मिठाई रखें

  • भाई को चौकी पर बैठाएं

  • तिलक लगाकर आरती करें

  • मिठाई खिलाएं और उपहार दें।

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