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हिंदी दिवस 2026: हिंदी का हो गया Gen-Z मेकओवर! जानिए ‘डेलुलू’, ‘स्टैन’ और ‘बुसिन’ का मतलब

Sun, 13 Sep 2026 09:35 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Hindi diwas 2026: इस पीढ़ी की सबसे बड़ी भाषाई खूबी भी यही है कि यह भाषा को सिर्फ बोलती नहीं, उसके साथ खेलती है। इसके पास सामाजिक-राजनीतिक अनुभवों को व्यक्त करने के लिए भी शब्द हैं।
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Gen z hindi - फोटो : Ai
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विस्तार
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हिंदी भाषा हमारी संस्कृति, परंपरा और भावनाओं को अभिव्यक्त करती है। मगर हमारी कूल पीढ़ी यानी ‘जेन-जी’ ने इसका मेकओवर कर दिया, जिसे समझना आसान तो बिल्कुल नहीं है।

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आरव ने हंसते हुए दोस्तों से कहा, “भाई, आज की पार्टी तो पूरी बूजी थी!” जबाव में रिया ने कहा, “नो कैप! खाना और म्यूजिक दोनों डैंक थे।” इस पर प्रियांश ने कहा, “सच में, लेकिन रोहन का डांस देखा? बिग यिक्स!” रिया फिर हंसकर बोली, “हां भाई, उसे देखकर तो मुझे एल वाली फीलिंग आ गई थी।” इतने में आरव ने रिया को रोकते हुए कहा, “छोड़ो, डब्लू तो पार्टी ने ले लिया!” रोहन ने तुरंत कहा, “सही कहा। चलो फिन्ना।”
 

आपको कुछ समझ आया? नहीं न। असल में, यह जेन-जी की भाषा है।

 

इस बातचीत में दोस्त पार्टी के बारे में बात कर रहे हैं। आरव कहता है कि पार्टी बहुत शानदार (बूजी) थी। रिया कहती है कि खाना और म्यूजिक भी बहुत अच्छे (डैंक) थे। फिर प्रियांश ने रोहन के डांस का मजाक उड़ाते हुए उसे बहुत खराब (बिग यिक्स) बताया। रिया कहती है कि उसका डांस देखकर उसे हार (एल) जैसी फीलिंग आई। फिर आरव कहता है कि डांस को छोड़ो, पार्टी ने दिल जीत (डब्लू) लिया। अंत में, रोहन कहता है कि अब वह घर (फिन्ना) जा रहा है।

 

यकीनन, आपने इसे पढ़कर अपना सिर पकड़ लिया होगा। मगर आज की पीढ़ी इसी भाषा का उपयोग कर रही है। आपने एक प्रसिद्ध हिंदी कहावत तो सुनी ही होगी कि ‘एक हाथ से ताली नहीं बजती’, मगर जेन-जी ने बजाकर दिखा दी और नाम दिया है- ‘क्लॉक इट’/‘माइक्रो क्लैप’।

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इसमें दोनों हाथों के बजाय बस एक हाथ के अंगूठे और तर्जनी के पोरों को आपस में तेजी से टैप या स्नैप (चुटकी की तरह) किया जाता है।

हिंदी व्याकरण विशेषज्ञ बेशक इन वाक्यों पर लाल पेन चला दें, लेकिन बातचीत की दुनिया इन्हें बिना किसी हिचक के अपना चुकी है।

आज जेन-जी का शब्दकोश किसी किताब में बंद नहीं है। वह हर दिन अपडेट हो रहा है- कभी मीम से, कभी वेब सीरीज से, कभी किसी वायरल डायलॉग से और कभी किसी दोस्त के बनाए मजेदार शब्द से।

 

इस पीढ़ी की सबसे बड़ी भाषाई खूबी भी यही है कि यह भाषा को सिर्फ बोलती नहीं, उसके साथ खेलती है। इसके पास सामाजिक-राजनीतिक अनुभवों को व्यक्त करने के लिए भी शब्द हैं।

उदाहरण के लिए, ‘मैन्सप्लैनिंग’, जब पुरुष महिलाओं को जरूरत से ज्यादा समझाते हैं। ‘गैसलाइटिंग’- किसी को मानसिक रूप से भ्रमित करना, ‘घोस्टिंग’- अचानक संपर्क तोड़ देना और ‘कैंसल कल्बर’- गलत व्यवहार पर सार्वजनिक बहिष्कार करना। इसके द्वारा तैयार किए ये शब्द ट्रेंड में भी हैं और समाज में मौजूद समस्याओं का नया नाम भी।

 

जेन-जी की हिंदी शायद वैसी नहीं है, जैसी पिछली पीढ़ी बोलती थी। इसमें अंग्रेजी है, स्लैंग है, इमोजी है, क्षेत्रीय रंग है और सबसे बढ़कर प्रयोग करने की आजादी है। जेन-जी हिंदी के साथ रोज नए प्रयोग कर रही है। शायद हिंदी भाषा की सबसे खूबसूरत बात यही है कि हर पीढ़ी उसे अपने अंदाज में बोलती है और हर बार उसमें नए शब्द जुड़ते चले जाते हैं।

 

जेन-जी की डिक्शनरी

 

ग्लो अप : बुरे से अच्छे में चीजों का बदलना।

सीईओ : किसी क्षेत्र में महारत हासिल है तो आप उसके सीईओ हैं।

स्टैन : अगर आप किसी की फैन हैं तो जेन-जी आपको स्टैन कहेगी।

सॉल्टी : जलन महसूस होने पर इस्तेमाल किया जाता है।

सिम्प : क्रश/पार्टनर के लिए जरूरत से ज्यादा दीवाना होना।

वोक : राजनीतिक रूप से जागरूक व्यक्ति।

सिप टी : जो गपशप फैलाने के बजाय बैठकर सुने।

 

 

अभी तो और हैं...

 

ड्रिप (स्वैग के लिए), बॉप (जब कोई गाना अच्छा लगे), शीश (जब आप अच्छा दिखे या करें), आईकेवाईके (इफ यू नो, यू नो यानी जो जानते हैं, वो जानते हैं), बेट (हां), बुसिन (कोई नया स्वाद चखना), ग्वाप (बहुत सारा पैसा), डेलुलू (जानकर भ्रमित होना) और एरा (युग/काल)

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