Vande Mataram Full Lyrics In Hindi: ‘वंदे मातरम’ भारत का ऐसा राष्ट्रीय गीत है जिसने स्वतंत्रता संग्राम में जनमानस को जागृत किया। बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने इसे 7 नवंबर 1875 को ‘बंगदर्शन’ पत्रिका में पहली बार प्रकाशित किया और बाद में अपने उपन्यास ‘आनंदमठ’ (1882) में शामिल किया। इस गीत को संगीत और स्वरबद्ध रूप देने का श्रेय रवींद्रनाथ टैगोर को जाता है।
‘वंदे मातरम’ सिर्फ शब्दों का समूह नहीं, बल्कि ये देशभक्ति, एकता और भारतीय संस्कृति का प्रतीक है। आज इस गीत को 150 वर्ष पूरे हो गए हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर माता-पिता और शिक्षक बच्चों को ‘वंदे मातरम’ की सही लिरिक्स और भाव समझाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
बच्चों में देशभक्ति की भावना विकसित करने के लिए इसे स्कूल, घर या राष्ट्रीय कार्यक्रमों में गाना बेहद महत्वपूर्ण है। ये न केवल गीत याद करने में मदद करता है, बल्कि उनकी सांस्कृतिक और राष्ट्रीय पहचान को भी मजबूत बनाता है।
ये है पूरी लिरिक्स....
वन्दे मातरम्।
सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्,
शस्यश्यामलां मातरम्। वन्दे मातरम्॥'
'शुभ्रज्योत्स्ना पुलकित यामिनीम्,
फुल्लकुसुमित द्रुमदलशोभिनीम्,
सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीम्, सुखदाम् वरदाम् मातरम्। वन्दे मातरम्॥
'कोटि-कोटि कण्ठ कल-कल निनाद कराले,
कोटि-कोटि भुजोधृत खरकरवाले,
के बोले मां तु्मि अबले, बहुबलधारिणी नमामि तारिणीम्,
रिपुदलवारिणी मातरम्। वन्दे मातरम्॥'
'तुमि विद्या तुमि धर्म,
तुमि हदि तुमि मर्म, त्वमहि प्राणः शरीर,
बाहुते तुमि मां शक्ति, हृदये तुमि मां भक्ति,
तोमारै प्रतिमा गढि मन्दिरे-मन्दिरे। वन्दे मातरम्॥'
'त्वमहि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी, कमला कमलदलविहारिणी,
वाणी विद्यादायिनी, नमामि त्वाम्, नमामि कमलाम्, अमलाम् अतुलाम्,
सुजलां सुफलां मातरम्। वन्दे मातरम्॥'
'श्यामलाम् सरलाम् सुस्मिताम् भूमिताम्, धरनीम् भरनीम् मातरम्। वन्दे मातरम्॥'