टॉक्सिक दोस्त की 10 निशानियां
हर बात में नकारात्मकता
आप कुछ भी अच्छा करें, टाॅक्सिक दोस्त कमी निकाल देगा। उसकी बातें आपको हतोत्साहित करती हैं।
आपकी खुशी से जलन
आपकी सफलता उस दोस्त को चुभती है। वह खुश होने के बजाय तुलना और ताने देता है।
सिर्फ जरूरत पर याद करना
टाॅक्सिक दोस्त खुद को काम हो तो कॉल करता है, वरना महीनों ग़ायब रहता है। दोस्ती एकतरफा हो जाती है।
हमेशा खुद को सही मानना
गलती उसकी हो, फिर भी माफी आपको मांगनी पड़े, यह बड़ा रेड फ़्लैग है।
आपकी बातों को हल्के में लेना
आपकी भावनाएं उसके लिए मायने नहीं रखतीं। आपकी समस्या उसे “ओवरड्रामा” लगती है।
दूसरों के सामने नीचा दिखाना
मज़ाक के नाम पर आपकी बेइज्ज़ती करना उस दोस्त को सामान्य लगता है।
कंट्रोल करने की कोशिश
किससे मिलें, क्या करें, टाॅक्सिक दोस्त ये बातें तय करना चाहता है। यह दोस्ती नहीं, नियंत्रण है।
पीठ पीछे बुराई करना
ऐसा दोस्त आपकी निजी बातें दूसरों तक पहुंचाता है, इससे भरोसा टूटता है।
हमेशा आपसे तुलना
टाॅक्सिक दोस्त आपसे बेहतर साबित होने की होड़ में रहता है और दोस्ती भूल जाता है।
उसके साथ रहकर थकान महसूस होना
जब उस दोस्त से मिलने के बाद मन भारी हो जाए तो समझिए कुछ ग़लत है।
क्या करें?
दोस्ती का मतलब सुकून है, बोझ नहीं।