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Sawan 2025: शादी के बाद पहला सावन मायके में ही क्यों मनाती हैं नई दुल्हन? जानिए भावनात्मक और धार्मिक महत्व

Fri, 11 Jul 2025 01:25 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

First Sawan After Marriage: भारत में एक परंपरा चली आ रही है कि हिंदू धर्म में शादी के बाद नई दुल्हन अपना पहला सावन मायके में मनाती है। सावन में उनकी ससुराल से विदाई हो जाती है।
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दुल्हन - फोटो : Adobe
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विस्तार
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First Sawan After Marriage : सावन का महीना भारतीय संस्कृति में केवल वर्षा और हरियाली का प्रतीक नहीं, बल्कि आस्था, प्रेम और पारिवारिक संबंधों का पर्व भी है। इस महीने का खास महत्व खासकर शादीशुदा महिलाओं और नई दुल्हनों के लिए होता है। जिन महिलाओं की शादी के बाद यह पहला सावन होता है, वह विशेष तौर पर इस पर्व की तैयारी करती हैं। 16 श्रृंगार करने से लेकर पहले सावन में उन्हें मायके और ससुराल से नेक मिलती है। हालांकि कपल के लिए जो सावन का महीना सबसे अधिक रोमांटिक माना जाता है, उस महीने में नई दुल्हन को ससुराल से मायके भेज दिया जाता है। भारत में एक परंपरा चली आ रही है कि हिंदू धर्म में शादी के बाद नई दुल्हन अपनापहला सावन मायके में मनाती है। सावन में उनकी ससुराल से विदाई हो जाती है। 

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लेकिन आपको पता है कि इसका कारण क्या है? शादी के बाद पहला सावन दुल्हन मायके में मनाती हैं, उसका आध्यात्मिक कारण होने के साथ ही सामाजिक और भावनात्मक पक्ष भी है। आइए जानते हैं वजह।





भावनात्मक जुड़ाव और घर का स्नेह

शादी के बाद नई दुल्हन के लिए मायका केवल एक जगह नहीं, बल्कि उसका पहला घर होता है। पहले सावन में उसे वहां भेजना उस घर के प्यार, अपनापन और सुरक्षा का दोबारा अनुभव करने का अवसर होता है।
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धार्मिक मान्यता

सावन में महिलाएं विशेष व्रत रखती हैं और शिव-पार्वती की पूजा करती हैं। मान्यता है कि अगर पहली सावन में दुल्हन मायके में रहकर पूरे श्रद्धा और भक्ति से व्रत करे तो उसका वैवाहिक जीवन सुखमय और स्थायी होता है।


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नई ज़िंदगी में संतुलन का अवसर

नई शादी के बाद मायके में पहला सावन एक ब्रेक जैसा होता है, जहां लड़की अपनी नई भूमिका से कुछ दिन के लिए बाहर निकलती है और खुद को फिर से पहचानती है।


सास-ससुर और पति का प्रेम भी

बहुत सी जगहों पर यह परंपरा सास-ससुर और पति द्वारा निभाई जाती है जो स्वयं बहू को मायके भेजते हैं। यह दर्शाता है कि नई बहू को सम्मान और आजादी दी जा रही है।

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