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युवाओं पर अटैक: परिवारों की रीढ़ तोड़ रहा है कोरोना वायरस, घर चलाने वालों को बना रहा शिकार

Tue, 20 Apr 2021 07:11 PM IST
प्रकाश चंद जोशी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना की टेस्टिंग - फोटो : PTI
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कोरोना वायरस की दूसरी लहर पहले के मुकाबले इस बार काफी घातक और मारक साबित हुई है। तुलनात्मक रूप से बीते साल की अपेक्षा इस बार कोरोना की चपेट में युवा लोग ज्यादा आए हैं। खासतौर पर जिनकी उम्र 45 साल या उससे कम है, ये एक ऐसा वर्ग है जो मूल रूप से घर में कमाने का काम करता है। यही नहीं, घर में बच्चे से लेकर किसी बुजुर्ग की तबियत खराब होने पर बाहर ले जाने और उनकी सेवा करने जैसे काम करता है। लेकिन इस बार कोरोना वायरस ऐसे ही युवाओं को अपनी चपेट में ले रहा है जिससे एक बड़ा संकट मानवीय स्तर पर भी सामने आता है। इसलिए जब ऐसे लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो जाते हैं, तो घर के सारे काम सारे मोर्चों पर पूरी तरह रूक जाते हैं।

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दफ्तर जाने वाली महिलाएं/पुरुष

अगर आप दफ्तर जाते हैं और अपने घर को चला रहे हैं, तो आपके ऊपर कई जिम्मेदारियां होती हैं। घर में कमाकर लाने से लेकर घर चलाने तक, घर के लोगों के अच्छे-बुरे के बारे में सोचना, घर में किसी को दुख तकलीफ होने पर उसकी मदद करना आदि कई काम ये युवा करते हैं। हर एक चीज को लेकर आपको काफी बारीकी से सोचना पड़ता है। लेकिन ये कोरोना वायरस 45 या उससे कम उम्र के लोगों को अपना शिकार बना रहा है, जिसमें वो लोग काफी संख्या में आते हैं जो अपने घर का गुजर-बसर करते हैं। इसमें महिलाएं और पुरुष दोनों ही शामिल हैं।

कोरोना जांच - फोटो : पीटीआई
वहीं, जब ऐसे लोग कोरोना की चपेट में आ रहे हैं, तो इसमें से कई तो ठीक हो रहे हैं। लेकिन काफी संख्या में लोग ऐसे भी हैं जिन्हें ये वायरस मौत की नींद सुला रहा है। इन लोगों के लिए ये वायरस बेहद खतरनाक है, क्योंकि ये वायरस सिर्फ इन लोगो को ही प्रभावित नहीं कर रहा है बल्कि इसका नकारात्मक असर इनके पूरे परिवार पर भी पड़ा रहा है।

बच्चों का ध्यान रखने वाली महिलाएं

घर पर कमाने वाले लोगों के अलावा घर पर महिलाएं भी होती हैं, जो अपने परिवार का और खासतौर पर अपने बच्चों का ख्याल रखती हैं। जब पति कमाकर लाता है, तो उसके बाद पूरे घर को चलाने की जिम्मेदारी महिलाओं की ही होती है। लेकिन वायरस की चपेट में आने वाले लोगों में महिलाएं भी शामिल हैं। 
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कोरोना वायरस (सांकेतिक फोटो) - फोटो : PTI
ये महिलाएं न सिर्फ घर के चलाती हैं, बल्कि सभी के सुख-दुख का भी पूरी तरह ख्याल रखती हैं। सोचकर देखिए कि अगर ये वायरस ऐसी महिलाओं को अपना शिकार बनाता है, तो इनके परिवार की जिंदगी कैसी हो सकती है। मां के न होने से बच्चों को और घर के अन्य सदस्यों को कई कठिनाईयों का सामना करना पड़ेगा। ऐसे कई परिवार हैं, जो ये दर्द झेल रहे हैं, क्योंकि कोरोना ने उनको गहरा दुख दिया है।

कपल भी आ रहे हैं चपेट में

कोरोना जिस किसी को भी अपनी चपेट में ले रहा है, उसकी उम्र, जात-पात, अमीरी-गरीबी कुछ नहीं देखता है। कोरोना वायरस की चपेट में आने वालों में काफी संख्या में दंपत्ति भी हैं। कोई घर में अकेले कमरे में कैद है, तो कोई अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच लड़ाई लड़ रहा है, तो कई कपल इस जिंदगी को अलविदा कह चुके हैं। 

वहीं, इनके जाने के बाद इनके परिवार, इनके बच्चों की हालत क्या होगी ये सोचकर भी डर लगता है, लेकिन सच्चाई को झुठलाया नहीं जा सकता। ये सच है कि जिस परिवार में दंपत्ति कोरोना की वजह से दम तोड़ रहे हैं, उनके परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट आ गया है, खाने के लिए खाना नहीं है और आमदनी का भी कोई जरिया नहीं है। ऐसे में आप सोच सकते हैं कि कोरोना वायरस युवाओं को अपना शिकार बनाकर कैसे परिवारों की रीढ़ तोड़ रहा है।
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