आजकल सोशल मीडिया का निजी रिश्तों पर दुष्प्रभाव साफ देखने को मिल रहा है। लेकिन क्या आप जानते हैं सोशल मीडिया से तलाक तक की नौबत आ सकती है।
ये हम नहीं कह रहे बल्कि एक रिसर्च में ये बात सामने आई है। पढ़िए, क्या कहती है ये रिसर्च।
तकरार का कारण है सोशल मीडिया?
द हेल्थ साइट पर प्रकाशित खबर के मुताबिक, क्या आपने कभी इस बात को नोटिस किया है कि आपके पार्टनर का सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर ज्वॉइन करते ही उनके व्यवहार में बदलाव आ गया है।
यदि ऐसा है तो आपको ये देखना चाहिए कि आपका पार्टनर माइक्रो ब्लागिंग साइट पर कितना समय व्यतीत करता है। नई रिसर्च के मुताबिक, सोशल मीडिया पर ज्यादा समय बिताने वाले लोगों की पार्टनर से तकरार होने लगती हैं।
समय बिताने पर निर्भर है बेवफाई
यदि ट्विटर पर दो पार्टनर्स के विचार आपस में नहीं मिलते तो रिलेशनशिप में प्रॉब्लम्स बढ़ जाती है जो कि बेवफाई या तलाक का कारण तक बन सकती है।
मिसौरी कोलंबिया यूनिवर्सिटी के मुताबिक, बेवफाई और तलाक के चांस ट्विटर पर आप कितना समय बिताते हैं इस पर निर्भर करता है।
क्यों होता है ऐसा
रिसर्च में पाया गया कि कपल्स के बीच ट्विटर पर बढ़ने वाली तकरार के नकारात्मक परिणामों के चलते ही तलाक तक या रिश्तों में एक-दूसरे को धोखा देने की प्रवृति पनपने लगती है।
ये रिसर्च ट्विटर पर सक्रिय रहने वाले लोगों के रिश्तों को जानने के लिए की गई है। कोलंबिया मिसौरी यूनिवर्सिटी के रसेल क्लेटन का कहना है कि ट्विटर पर तनाव से इमोशनल और फीजिकल चीटिंग, ब्रेकअप और तलाक की नौबत आने की आशंका बढ़ जाती है।
यानी ट्विटर पर अधिक बैठने और पार्टनर से ट्विटर पर लड़ने से रिश्तों के टूटने का खतरा बढ़ जाता है।
सिर्फ ट्विटर पर ही है ऐसा?
रिसर्च में ये भी कहा गया कि ऐसा सिर्फ ट्विटर से है। 554 मिलियन सक्रिय यूजर्स पर की गई इस रिसर्च में ट्विटर ही सबसे मशहूर है जिस पर लोग ज्यादा समय बिताते हैं।
शोध में पाया गया कि इंस्टाग्राम या अन्य सोशल नेटवर्किंग साइट्स का भी रिश्तों पर इतना नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता जितना ट्विटर का। ये रिसर्च साइबरसाइक्लोजी, बिहेवियर और सोशल नेटवर्किंग जनरल में प्रकाशित हुई थी।