फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रिलेशनशिप टिप्स: आपकी बातें सुनकर भी अनसुना कर देता है पार्टनर? रिश्ते में दिख सकते हैं ये 5 संकेत

Tue, 20 Oct 2026 08:13 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Relationship tips: रिश्ते में हर समय एक जैसी बातचीत या ध्यान मिलना जरूरी नहीं, लेकिन सम्मान, सुनने की इच्छा और भावनात्मक सहयोग महत्वपूर्ण हैं। किसी एक घटना से निष्कर्ष निकालने के बजाय व्यवहार के लगातार दोहराए जाने वाले पैटर्न पर ध्यान दें। आपकी भावनाएं भी रिश्ते में उतनी ही महत्वपूर्ण हैं जितनी आपके पार्टनर की।
विज्ञापन
रिलेशनशिप टिप्स - फोटो : Ai
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रिश्ते में प्यार के साथ भावनात्मक जुड़ाव भी जरूरी होता है। कई बार पार्टनर साथ तो रहता है, लेकिन उसके व्यवहार में पहले जैसी गर्मजोशी, बातचीत और परवाह नजर नहीं आती। आप अपनी खुशी, परेशानी या दिनभर की बातें साझा करना चाहते हैं, लेकिन सामने वाला आपकी बातों को अनसुना कर देता है। धीरे-धीरे ऐसी स्थिति अकेलेपन और भावनात्मक दूरी का अहसास कराने लगती है। मन में सवाल उठने लगता है कि क्या पार्टनर अब पहले की तरह आपसे जुड़ाव महसूस नहीं करता?

विज्ञापन


रिश्तों में कभी-कभी व्यस्तता, तनाव या निजी परेशानियों के कारण बातचीत कम हो सकती है। इसलिए हर बार कम बात करने को इमोशनल इग्नोरेंस नहीं समझना चाहिए। लेकिन जब पार्टनर लगातार आपकी भावनाओं को नजरअंदाज करे, आपकी बातों को महत्व न दे और रिश्ते में भावनात्मक जुड़ाव बनाने की कोशिश भी न करे, तो इस व्यवहार पर ध्यान देना जरूरी है।

ऐसे में कुछ संकेतों की मदद से आप समझ सकती हैं कि रिश्ते में भावनात्मक दूरी बढ़ रही है या नहीं। आइए जानते हैं पांच ऐसे संकेत, जिन्हें नजरअंदाज करना ठीक नहीं है।

  • आपकी बातों को गंभीरता से नहीं सुनता

अगर आप अपने दिन की कोई खास बात, परेशानी या मन की उलझन साझा करती हैं और पार्टनर बार-बार आपकी बात काट देता है, फोन में व्यस्त रहता है या बिना सुने विषय बदल देता है, तो यह भावनात्मक दूरी का संकेत हो सकता है। खासकर तब, जब ऐसा व्यवहार लगातार देखने को मिले और वह आपकी बात सुनने की कोशिश भी न करे।

विज्ञापन

 

  • आपकी भावनाओं को बताता है बेवजह

आप किसी बात से दुखी हैं और पार्टनर आपकी परेशानी समझने के बजाय कहता है कि आप बेवजह सोचती हैं या छोटी-छोटी बातों को बड़ा बनाती हैं। यदि आपकी भावनाओं को बार-बार खारिज किया जाता है, तो आपको रिश्ते में असुरक्षित और अकेला महसूस हो सकता है। असहमति होना सामान्य है, लेकिन आपकी भावनाओं का लगातार अपमान करना स्वस्थ संवाद नहीं है।
 

  • अपनी जिंदगी की बातें आपसे साझा नहीं करता

पहले पार्टनर अपने दिन की छोटी-बड़ी बातें बताता था, लेकिन अब वह अपनी परेशानियों, योजनाओं या अनुभवों को साझा करने से बचता है। आप पूछती हैं तो वह टाल देता है या बातचीत खत्म कर देता है। ऐसा लगातार होना भावनात्मक जुड़ाव में कमी का संकेत हो सकता है। हालांकि, कभी-कभी निजी तनाव या अकेले समय की जरूरत भी इसकी वजह हो सकती है।
 

  • रिश्ते में पहल हमेशा आपको करनी पड़ती है

हर बार आपको ही बातचीत शुरू करनी पड़ती है, साथ समय बिताने की योजना बनानी पड़ती है या नाराजगी दूर करने की कोशिश करनी पड़ती है। पार्टनर अपनी तरफ से संवाद या जुड़ाव बनाने में रुचि नहीं दिखाता। यदि रिश्ता लंबे समय से एकतरफा प्रयासों पर चल रहा है, तो यह समझना जरूरी है कि भावनात्मक जिम्मेदारी केवल आपकी नहीं है।
 

  • साथ होकर भी अकेलापन महसूस होता है

पार्टनर आपके पास बैठा है, लेकिन आप दोनों के बीच बातचीत, अपनापन और भावनात्मक निकटता नहीं है। आप अपनी खुशियां या दुख साझा करने से पहले सोचने लगती हैं कि सामने वाला सुनेगा भी या नहीं। अगर यह अनुभव लगातार बना रहता है, तो रिश्ते में भावनात्मक दूरी पर खुलकर बात करने की जरूरत हो सकती है।

 

पार्टनर इमोशनली इग्नोर करे तो क्या करें?

 

सबसे पहले, शांत समय में अपने पार्टनर से खुलकर बात करें। आरोप लगाने के बजाय बताएं कि उसके व्यवहार से आपको कैसा महसूस होता है। उदाहरण के लिए, आप कह सकती हैं कि जब आप अपनी परेशानी साझा करती हैं और वह ध्यान नहीं देता, तो आपको अकेलापन महसूस होता है।

 

उसकी बात भी सुनें और समझने की कोशिश करें कि क्या वह किसी तनाव से गुजर रहा है। रिश्ते में सुधार के लिए दोनों का प्रयास जरूरी है। अपनी भावनात्मक जरूरतों और सीमाओं को स्पष्ट रखें। यदि बातचीत के बाद भी उपेक्षा का व्यवहार जारी रहता है और रिश्ते पर गंभीर असर पड़ता है, तो कपल काउंसलिंग की मदद ली जा सकती है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें