रमजान के पहले जुमे की ऐसे दें मुबारकबाद
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जुमा (शुक्रवार) इस्लाम में सबसे खास और बरकतों से भरा दिन माना जाता है। इसे हफ्ते के बाकी दिनों में सबसे अहम माना गया है, क्योंकि इस दिन को खुद अल्लाह तआला ने मुकद्दस (पवित्र) बनाया है। कुरआन और हदीस में जुम्मे के कई फजाइल (महत्व) बताए गए हैं, जो इसे बाकी दिनों से अलग बनाते हैं।
रमजान की पाक शुरुआत 2 मार्च 2025 से हो चुकी है, और 7 मार्च को छठा रोजा रखा जाएगा। इस साल रमजान में कुल चार जुमे आएंगे, जिनमें पहला जुम्मा आज है। इस्लाम में जुमे का दिन बेहद खास माना जाता है, और रमजान के महीने में इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। इस दिन मस्जिदों में विशेष जुमे की नमाज अदा की जाती है, और लोग एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद देते हैं। अगर आप भी अपने प्रियजनों को रमजान के पहले जुमे की बधाई देना चाहते हैं।
तो यहां कुछ खूबसूरत संदेश दिए गए हैं:
रहमतों का महीना, बरकतों की शाम,
दुआओं की सौगात, और गुनाहों से निजात।
रमजान के पहले जुमे की दिल से मुबारकबाद!
जुमा मुबारक! रमजान मुबारक!
हर ख्वाहिश हो मंजूर-ए-खुदा,
मिले हर कदम पर रजा-ए-खुदा,
फना हो लब्ज-ए-गम, यही है दुआ,
बरसती रहे सदा रहमत-ए-खुदा!
माह-ए-रमजान 2025 की पहली जुम्मा मुबारक!
ऐसे करें खास विश
आज फलक से रहमत बरसेगी,
आज न कोई बंदा मायूस होगा।
रमजान का पहला जुमा आया है,
आज तो बरकतों का नुजूल होगा।
"रमजान का पहला जुमा मुबारक हो!"
दुआओं भरा पैगाम
"रहमतों का साया, बरकतों की बहार,
माफी का पैगाम, और जन्नत की राह।
रमजान के पहले जुमे की आप सबको दिल से मुबारकबाद!"
इबादत की अहमियत
"इस पाक महीने में अल्लाह आपकी हर दुआ कबूल करे,
आपकी जिंदगी में खुशहाली और सुकून अता करे।
रमजान के पहले जुमे की दिली मुबारकबाद!"
शायरी अंदाज में
"चमकता रहे ईमान का नूर,
दुआओं से महकती रहे जिंदगी भरपूर।
रमजान के पहले जुम की दिल से मुबारकबाद!"
जुमा मुबारक! रमजान मुबारक!