QR Code Scam Alert: आज के डिजिटल दौर में क्यूआर कोड रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। दुकान पर भुगतान करने, किसी वेबसाइट को खोलने या डिजिटल जानकारी हासिल करने के लिए इसका इस्तेमाल आम है। लेकिन इसी सुविधा का गलत फायदा साइबर ठग उठाते हैं। वह फ्री गिफ्ट, कैशबैक, डिस्काउंट या इनाम का लालच देकर लोगों को अनजान क्यूआर कोड स्कैन करवाने की कोशिश करते हैं।
कई बार सोशल मीडिया पोस्ट, मैसेज या निजी चैट के जरिये दावा किया जाता है कि आपने कोई इनाम जीता है या आपके लिए विशेष कैशबैक है। इसके बाद क्यूआर कोड स्कैन करने के लिए कहा जाता है। अमूमन इस तरह के लालच भरे संदेशों में लोग जल्दबाजी करने की कोशिश करते हैं। ऐसे में बिना सत्यापन क्यूआर कोड को स्कैन करना जोखिम भरा हो सकता है।
फ्री गिफ्ट के नाम पर कैसे होती है ठगी?
साइबर अपराधी लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए आकर्षक ऑफर का सहारा ले सकते हैं। संदेश में फ्री गिफ्ट, भारी कैशबैक या पुरस्कार मिलने की बात कही जाती है। इसके बाद क्यूआर कोड या लिंक भेजकर कहा जा सकता है कि इनाम पाने के लिए इसे तुरंत स्कैन करें।
क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद कोई संदिग्ध वेबसाइट खुल सकती है। वहां आपसे व्यक्तिगत जानकारी, बैंक संबंधी विवरण या भुगतान करने के लिए कहा जा सकता है। इसलिए केवल आकर्षक ऑफर देखकर भरोसा करने के बजाय पहले यह जांचें कि संदेश वास्तव में किस संस्था या व्यक्ति की ओर से आया है।
क्या हर क्यूआर कोड खतरनाक होता है?
नहीं। क्यूआर कोड एक सामान्य तकनीक है और इसका इस्तेमाल वैध भुगतान तथा अन्य डिजिटल सेवाओं में भी होता है। खतरा तब बढ़ता है जब क्यूआर कोड किसी अनजान स्रोत से मिले और उसके जरिये आपसे असामान्य कार्रवाई करने के लिए कहा जाए।
किसी भुगतान को मंजूर करने से पहले स्क्रीन पर दिखाई देने वाले प्राप्तकर्ता का नाम और राशि ध्यान से जांचें। जानकारी सही न लगे तो भुगतान न करें। सबसे जरूरी बात यह है कि यूपीआई पिन पैसे प्राप्त करने के लिए नहीं होता। अगर कोई व्यक्ति पैसे भेजने के नाम पर यूपीआई पिन डालने या ओटीपी बताने के लिए कहता है, तो तुरंत सावधान हो जाएं।
अनजान लिंक और एप से रहें सावधान
क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद अगर कोई वेबसाइट खुलती है, तो उसमें बैंक डिटेल, कार्ड नंबर, ओटीपी, यूपीआई पिन या अन्य संवेदनशील जानकारी दर्ज न करें, खासकर जब वेबसाइट का स्रोत संदिग्ध हो। इसी तरह क्यूआर कोड के जरिये किसी अनजान एप को डाउनलोड करने के लिए कहा जाए तो बिना जांचे उसे इंस्टॉल न करें। संदिग्ध एप आपके फोन की निजी जानकारी या अन्य संवेदनशील गतिविधियों तक पहुंच मांग सकता है।
अगर गलती से क्यूआर कोड स्कैन कर लिया तो क्या करें?
अगर आपने केवल क्यूआर कोड स्कैन किया है और कोई जानकारी नहीं दी है या भुगतान नहीं किया है, तो आगे की प्रक्रिया रोक दें। संदिग्ध वेबसाइट बंद करें और कोई व्यक्तिगत जानकारी दर्ज न करें। अगर गलती से भुगतान हो गया है या बैंकिंग जानकारी साझा कर दी है, तो तुरंत अपने बैंक या संबंधित भुगतान सेवा से संपर्क करें।
लेन-देन से जुड़े संदेश और विवरण सुरक्षित रखें। भारत में वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन पर तुरंत संपर्क कर सकते हैं और आधिकारिक साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
क्यूआर कोड इस्तेमाल करते समय रखें ये सावधानियां
किसी भी क्यूआर कोड को स्कैन करने से पहले सोचें कि वह कहां से आया है और उसे स्कैन करने की जरूरत क्यों है। अनजान व्यक्ति के संदेश, संदिग्ध सोशल मीडिया पोस्ट या अविश्वसनीय ऑफर से मिले क्यूआर कोड से बचें। किसी भी डिजिटल भुगतान से पहले किसे पैसा जा रहा है और कितनी राशि जा रही है, यह जरूर जांचें। ओटीपी, यूपीआई यूपीआई पिन, पासवर्ड या बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें।