व्योमिका सिंह कौन हैं?
विंग कमांडर व्योमिका सिंह एक कुशल हेलीकॉप्टर पायलट हैं, जिन्होंने कई तरह के विमान उड़ाए हैं और नागरिक सुरक्षा के लिए विषम परिस्थितियों में बचाव कार्यों में हिस्सा लिया है। व्योमिका ने भारतीय वायु सेना के एक पायलट से शादी की है। साल 2023 में एक निजी चैनल पर चर्चा के दौरान उन्होंने बताया था कि पायलट बनना उनकी नियति थी, जोकि उनके नाम से जुड़ी हुई है। व्योमिका का अर्थ है आकाश में रहने वाली।
व्योमिका बताती हैं, जब वह कक्षा छह में थीं, तब उन्हें एहसास हुआ कि वह पायलट बनकर आसमान में उड़ना चाहती हैं। दरअसल, क्लास में बच्चे अपने नाम के अर्थ पर चर्चा कर रहे थे। किसी ने उनसे कहा, 'तुम व्योमिका हो, जिसका मतलब है कि तुम आसमान की मालिक हो।' उस दिन से व्योमिका ने पायलट बनने का सपना देखना शुरू कर दिया।
व्योमिका सिंह जीवन परिचय और शिक्षा
अपने लक्ष्य की ओर पहला कदम बढ़ाते हुए उन्होंने नेशनल कैडेट कोर (NCC) जॉइन किया। यहां से उन्हें वर्दी पहनने और सेना से जुड़ने की प्रेरणा मिली। आगे चलकर उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। वह अपने परिवार की पहली सदस्य बनीं, जिन्होंने सशस्त्र बलों में शामिल होकर इतिहास रचा। भारतीय वायुसेना में उन्होंने हेलिकॉप्टर पायलट के रूप में कमीशन प्राप्त किया और 18 दिसंबर 2019 को उन्हें फ्लाइंग ब्रांच में परमानेंट कमीशन मिला।
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व्योमिका सिंह का अनुभव और योगदान
विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने अब तक 2500 घंटे से अधिक उड़ान भरी है। उन्होंने भारतीय वायुसेना के प्रतिष्ठित हेलिकॉप्टर चेतक और चीता को उड़ा कर देश की सबसे चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों में सेवाएं दी हैं। वह जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर भारत जैसे कठिन और संवेदनशील इलाकों में ऑपरेशन कर चुकी हैं। इन क्षेत्रों में अत्यधिक ऊंचाई, खराब मौसम और दुर्गम स्थानों के बीच हेलिकॉप्टर मिशन संचालित करना एक अत्यंत जोखिम पूर्ण कार्य होता है, जिसमें व्योमिका ने कुशलता से नेतृत्व किया।
व्योमिका सिंह के मिशन
उनके नेतृत्व में कई महत्वपूर्ण बचाव अभियानों को अंजाम दिया गया। इनमें से एक प्रमुख मिशन अक्टूबर-नवंबर 2020 में अरुणाचल प्रदेश में हुआ था, जहां दुर्गम क्षेत्रों में लोगों की जान बचाने के लिए उनकी टीम ने हेलिकॉप्टर के माध्यम से सहायता पहुंचाई। इस ऑपरेशन में उन्होंने ऊंचाई, खराब मौसम और सीमित संसाधनों के बावजूद उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
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व्योमिका सिंह न केवल ऑपरेशनल मिशनों में अग्रणी रही हैं, बल्कि उन्होंने साहसिक अभियानों में भी बढ़-चढ़कर भाग लिया है। वर्ष 2021 में उन्होंने एक त्रिसेना महिला पर्वतारोहण अभियान में भाग लिया। यह अभियान भारतीय थलसेना, नौसेना और वायुसेना की महिलाओं के सहयोग से आयोजित किया गया था और इसकी सराहना वायुसेना प्रमुख सहित वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों ने की थी।