पश्मीना की दोशाला ओढ़े मीठी-सी सर्दियां जब दस्तक देती हैं, तो हवा में ठंडक के साथ फूलों की खुशबू भी घुल जाती है। सर्दी का मौसम फूलों के लिए बेहद अनुकूल होता है, इसलिए फुलवारी भी खिल उठती है। अगर आप चाहती हैं कि इस बार आपका आशियाना भी रंग-बिरंगे फूलों से महक उठे, तो अक्तूबर के पहले सप्ताह से ही बगीचे की तैयारियां शुरू कर दें।
पहले बनाएं अपना ‘फ्लावर प्लान’
आप पहली बार बगिया या बालकनी सजा रही हैं, तो स्थानीय नर्सरी से छोटे पौधे या बीज लें और उनकी देखभाल की जानकारी भी प्राप्त करें। असल में पर्याप्त देखभाल न मिलने से बीज अंकुरित नहीं होते और पौधे मुरझा जाते हैं।
वहीं, पौधे लगाने से पहले जगह और धूप का ध्यान रखें। छोटी बालकनी में पीछे ऊंचे, बीच में मध्यम और आगे छोटे पौधे लगाएं। इससे कम जगह में भी बगीचा घना और आकर्षक दिखेगा। पीले, गुलाबी, सफेद और बैंगनी फूलों का सुंदर संयोजन करें। जगह कम हो तो हैंगिंग पॉट और रेलिंग प्लांटर लगाएं।
खाद का ढेर नहीं, सही मिट्टी है जरूरी
पौधों की अच्छी वृद्धि के लिए मिट्टी का उपजाऊ होना जरूरी है। गमले या क्यारी की मिट्टी में 30-40 प्रतिशत वर्मीकंपोस्ट या पुरानी गोबर की खाद और 10-20 प्रतिशत रेत या कोकोपीट मिलाएं। फंगस से बचाव के लिए दो-तीन चम्मच हल्दी पाउडर भी डाल सकते हैं।
पुराने गमले या मिट्टी का दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। इन्हें उपयोग से पहले एक-दो दिन धूप में अच्छी तरह सुखाएं। इससे फंगस और हानिकारक कीटों का खतरा कम होगा और पौधे स्वस्थ रहेंगे।
पौधों के लिए बनाएं अलग ‘माइक्रो क्लाइमेट’
कुछ पौधों को सुबह की हल्की धूप पसंद आती है, जबकि कुछ को दिनभर की तेज धूप में परेशानी हो सकती है।
इसलिए गमलों की जगह बदलती रहें, क्योंकि सर्दी में सुबह की धूप पौधों के लिए खासतौर पर उपयोगी होती है। साथ ही पौधों को दीवार से थोड़ा हटाकर रखें, ताकि हवा का आवागमन बना रहे। वहीं आप जिस भी पॉट में पौधे लगाएं पानी की निकासी पर जरूर ध्यान दें।
खुशबू, रंग और हरियाली का बनाएं संतुलन
बगिया को खास बनाने के लिए ज्यादा फूल लगाने के बजाय खुशबू, रंग और हरियाली का संतुलन बनाएं। फूलों के साथ खुशबूदार पौधे लगाएं और खाली जगहों को छोटे पत्तेदार पौधों से सजाएं।
सूखे फूल और पीली पत्तियां समय-समय पर हटाते रहें, ताकि नए फूलों के लिए जगह बनी रहे। सबसे जरूरी है पौधों को रोज थोड़ा समय देना। उन्हें ध्यान से देखने पर उनकी सेहत और जरूरतों में होने वाले बदलाव आसानी से समझ में आते हैं।
विशेषज्ञ की राय : अक्टूबर में ऐसे बोएं के फूलों के बीज
बागवानी विशेषज्ञ डॉ. रोमिला रावत बिष्ट बताती हैं कि अक्तूबर के महीने में सर्दी में उगने वाले फूलों के बीज बोना बेहतर रहता है। बाद में तापमान गिरने से अंकुरण धीमा हो जाता है, इसलिए बीज बोने से पहले आप मिट्टी को भुरभुरा बनाकर उसमें गोबर की खाद या कंपोस्ट मिलाएं।
पुरानी मिट्टी को दो-तीन दिन धूप में रखें। जल निकासी वाले गमले चुनें, बीज बहुत गहरे न दबाएं और अंकुरण तक नमी बनाए रखें। वहीं, पौधे लगाने के बाद उन्हें अचानक तेज धूप में रखने के बजाय धीरे-धीरे धूप की आदत डालें।