ऐमजॉन, बिग बास्केट और अन्य ई-कॉमर्स प्लेटफार्म, इसकी स्पष्टता न होने के कारण, यह जानते हुए भी कि ये वस्तुएं महिलाओं के लिए कितनी आवश्यक हैं, सैनिटरी नैपकिन की डिलिवरी नहीं कर पा रहे हैं।
शुद्ध प्लस हाइजीन प्रोडक्ट्स के संस्थापक और नाइन सैनिटरी नैपकिन के उत्पादक अमर तुलस्यान ने कहा कि जहां प्रत्येक राज्य सरकार आवश्यक वस्तुओं को स्पष्ट कर रही हैं, केंद्र सरकार, उपभोक्ता अथवा स्वास्थ्य मंत्रालय या पीएमओ द्वार लॉकडाउन के समय आवश्यक सामानों की विस्तृत सूची जारी करने पर इन प्रयासों को और गति मिल सकती है। इस सूची में सैनिटरी नैपकिन, साबुन व अन्य स्वच्छता उत्पादों को सम्मिलित किया जाए जिससे कि ये आवश्यक लोगों तक पहुंच सकें।
सैनिटरी नैपकिन, ई-कॉमर्स प्लेटफार्म, दवा की दुकानों और किराना की दुकानों द्वारा बेचे जाते हैं जो कि दूध, राशन व दवाओं की सप्लाई के लिए अभी भी खुले हुए हैं। सैनिटरी नैपकिन महिलाओं के लिए अतिआवश्यक हैं, इसलिए इसे आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में रखा जाना चाहिए, जिससे कि लॉकडाउन के समय भी महिलाओं को उपलब्ध कराया जा सके। जिससे महिलाएं अपनी पर्सनल हाइजीन सुनिश्चित कर सकें व लॉकडाउन के समय स्वस्थ रह सकें।