मासिक धर्म स्वच्छता दिवस
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बदलाव जो बड़ा बन गया
जो शुरुआत छोटे स्तर से हुई थी, वह आज कई राज्यों तक पहुंच चुकी है। लगभग 5 राज्यों में 13 उत्पादन इकाइयां काम कर रही हैं और 300 से ज्यादा महिलाओं को रोजगार मिला है। इससे न सिर्फ पर्यावरण बच रहा है, बल्कि महिलाओं को आर्थिक मजबूती भी मिल रही है।
बड़ी सफलता की कहानी
इन दोनों उद्यमियों को वॉलमार्ट वृद्धि कार्यक्रम से भी सहयोग मिला, जिससे उनके काम को बड़ा बाजार मिला। इशु सैनी का कारोबार लगभग 1 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि अरुणा दारा का प्रोडक्ट ई-कॉमर्स के जरिए पूरे भारत में फैल गया।