अक्सर लोग आम खरीदते समय सिर्फ उसका रंग और साइज देखकर ही फैसला कर लेते हैं, लेकिन यही सबसे बड़ी गलती होती है। केमिकल से पके आम बाहर से देखने में बेहद आकर्षक लगते हैं, लेकिन अंदर से वे कच्चे या कम स्वादिष्ट हो सकते हैं। इतना ही नहीं, ऐसे आम सेहत के लिए भी नुकसानदायक हो सकते हैं। कृत्रिम तरीके से पकाए गए आम में हानिकारक तत्व हो सकते हैं, जो पेट दर्द, एलर्जी या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकते हैं।
इसलिए जरूरी है कि आप आम खरीदते समय कुछ आसान ट्रिक्स जानें, जिनकी मदद से आप असली और केमिकल से पके आम की पहचान कर सकें। इस लेख में हम आपको ऐसे ही कुछ आसान और असरदार तरीके बताएंगे, जिन्हें अपनाकर आप और आपका परिवार सुरक्षित और स्वादिष्ट आम का आनंद ले सकते हैं।
असली और नकली आम की पहचान कैसे करें?
प्राकृतिक रूप से पके आम का रंग हल्का पीला या हरा-पीला होता है। जबकि केमिकल से पके आम बहुत ज्यादा चमकीले और एक जैसे पीले दिखते हैं।
असली आम में मीठी और नेचुरल खुशबू होती है, खासकर डंठल के पास। केमिकल वाले आम में अक्सर कोई खास खुशबू नहीं होती।
असली आम हल्का नरम होता है, जबकि केमिकल से पका आम बाहर से सख्त और अंदर से कच्चा हो सकता है।
- पानी में डालकर करें टेस्ट
आम को पानी में डालें। अगर वह डूब जाए तो आम प्राकृतिक हो सकता है। यदि आम तैरता है, तो उसमें केमिकल का इस्तेमाल होने की संभावना हो सकती है।
असली आम अंदर से समान रूप से पका और रसदार होता है। केमिकल आम में पीले और सफेद हिस्से अलग-अलग दिखाई दे सकते हैं।
टिप्स
- हमेशा विश्वसनीय दुकानदार से ही आम खरीदें।
- बहुत ज्यादा सस्ते आम लेने से बचें।
- खाने से पहले आम को अच्छी तरह धो लें।