दीवारों को नया दिखाने का सबसे पहला कदम उनकी अच्छी तरह सफाई करना है। धूल और सतही गंदगी हटने के बाद दीवार पहले से ज्यादा साफ दिखाई दे सकती है। इसके बाद खराब हिस्सों को वॉल डेकोर, फोटो फ्रेम, मिरर, वॉल हैंगिंग या फैब्रिक डेकोरेशन से सजाया जा सकता है। खाली और दागदार हिस्सों को सही तरीके से कवर करने से कमरे का पूरा लुक बदल सकता है।
अगर दीवार पर सिर्फ हल्के दाग हैं, तो सतह और पेंट के प्रकार के अनुसार उपयुक्त क्लीनिंग तरीका अपनाया जा सकता है। वहीं गहरी सीलन, फफूंद, पानी का रिसाव या उखड़ा हुआ प्लास्टर केवल सजावट से नहीं छिपाना चाहिए। ऐसी स्थिति में पहले समस्या का समाधान जरूरी है। आइए जानते हैं कम बजट में दीवारों को बेहतर दिखाने के आसान तरीके।
सबसे पहले दीवार की अच्छी तरह सफाई करें
कई बार दीवार खराब नहीं बल्कि धूल और गंदगी के कारण फीकी दिखाई देती है। मुलायम सूखे कपड़े या उपयुक्त क्लीनिंग तरीके से धूल हटाएं। किसी भी क्लीनिंग प्रोडक्ट को पूरी दीवार पर लगाने से पहले छोटे हिस्से पर टेस्ट करना बेहतर है।
फोटो फ्रेम से दें नया लुक
अगर दीवार पर कुछ दाग या हल्की खरोंच हैं, तो फोटो फ्रेम का इस्तेमाल किया जा सकता है। परिवार की तस्वीरें, आर्ट प्रिंट या छोटे फ्रेम मिलाकर एक फोटो वॉल तैयार करने से कमरे का लुक काफी बदल सकता है।
मिरर और वॉल डेकोर का इस्तेमाल
छोटी या फीकी दीवार पर सजावटी मिरर, वॉल प्लेट, मैक्रेमे या अन्य हल्के डेकोर आइटम लगाए जा सकते हैं। इससे दीवार का ध्यान खराब हिस्सों से हटकर सजावट पर जाता है।
फैब्रिक या टेपेस्ट्री से कवर करें
बड़ी खाली दीवार के लिए फैब्रिक वॉल हैंगिंग या टेपेस्ट्री बजट-फ्रेंडली विकल्प हो सकता है। इसे कमरे की मौजूदा सजावट और रंगों के हिसाब से चुनें।
DIY वॉल आर्ट बनाएं
अगर आप क्रिएटिव काम पसंद करते हैं, तो चार्ट पेपर, पुराने फ्रेम या उपलब्ध क्राफ्ट सामग्री से वॉल आर्ट बना सकते हैं। इससे कम खर्च में पर्सनलाइज्ड डेकोरेशन तैयार हो सकती है।
खराब प्लास्टर या सीलन को न छिपाएं
अगर दीवार पर सीलन, फफूंद, पानी का रिसाव या प्लास्टर उखड़ने जैसी समस्या है, तो केवल फोटो फ्रेम या डेकोरेशन लगाकर उसे ढकना सही समाधान नहीं है। पहले नमी या लीकेज की वजह ठीक करें और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की मदद लें।
फर्नीचर की पोजिशन बदलकर भी लुक बदलें
कमरे में मौजूद सोफा, टेबल, शेल्फ या पौधों की जगह बदलने से दीवार का पूरा लुक अलग नजर आ सकता है। इस तरीके में अतिरिक्त खर्च भी नहीं होता।