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Shantanu Narayen Leadership Tips: शांतनु नारायण से सीखें सफलता के 6 मंत्र, जो बदल सकते हैं करियर की दिशा

Mon, 16 Mar 2026 09:34 AM IST
Shivani Awasthi लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

शांतनु नारायण की नेतृत्व शैली से पांच अहम सीख मिलती हैं, दूरदर्शी सोच, बदलाव को अपनाने की क्षमता, टीम पर भरोसा, लगातार नवाचार और ग्राहकों की जरूरत को समझना। इन सिद्धांतों की बदौलत उन्होंने एडोब को पारंपरिक सॉफ्टवेयर कंपनी से क्लाउड-आधारित वैश्विक टेक लीडर में बदल दिया।

 
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शांतनु नारायण की सफलता मंत्र - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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Shantanu Narayen Success Mantra: अमेरिकी टेक कंपनी एडोब के सीईओ शांतनु नारायण दुनिया के लिए एक रोल माॅडल हैं। भारतीय मूल के इस वैश्विक काॅरपोरेट लीडर ने वर्षों से एडोब को ऐसी दिशा दी कि कंपनी पारंपरिक साॅफ्टवेयर माॅडल से आगे बढ़कर क्लाउड आधारित डिजिटल प्लेटफाॅर्म की अग्रणी ताकत बन गई। उनकी नेतृत्व शैली बिजनेस मैनेजमेंट से लेकर दूरदर्शिता और नवाचार का उदाहरण  है। उनके अनुभव से कई ऐसी सीख मिलती हैं जो किसी भी पेशेवर, उद्यमी या मैनेजर के लिए प्रेरणादायक हो सकती हैं।
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अगर आप भी अपने करियर या उद्योग में सफलता चाहते हैं तो शांतनु नारायण से कुछ सबक ले सकते हैं। शांतनु नारायण का सफर साबित करता है कि सही दिशा, साहसिक निर्णय और नवाचार की संस्कृति किसी भी संगठन को वैश्विक ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है। उनकी ये सीख केवल कंपनियों के लिए नहीं बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए उपयोगी है जो अपने काम में आगे बढ़ना चाहता है।


शांतनु नारायण की सफलता के मंत्र
 
  • बदलाव से डरना नहीं, उसे अपनाना

जब दुनिया तेजी से डिजिटल हो रही थी, तब एडोब को भी अपने पुराने सॉफ्टवेयर मॉडल से आगे बढ़ने की जरूरत थी। शांतनु नारायण ने इस बदलाव को समय रहते समझा और कंपनी को क्लाउड-सब्सक्रिप्शन मॉडल की ओर मोड़ दिया। यह फैसला जोखिम भरा था, लेकिन यही कदम आगे चलकर कंपनी की सबसे बड़ी ताकत बन गया। उनके इस फैसले से ये सीख मिलती है,
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जो व्यक्ति समय के बदलाव को समझ लेता है, वही भविष्य का रास्ता तय करता है।
 
  • टीम पर भरोसा करना
एक मजबूत संगठन केवल एक व्यक्ति से नहीं बनता। शांतनु नारायण हमेशा अपनी टीम को फैसलों में शामिल करने और उन्हें स्वतंत्रता देने के लिए जाने जाते हैं। यह भरोसा कर्मचारियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है।कॉरपोरेट दुनिया में यही सिद्धांत अक्सर सबसे बड़ा अंतर पैदा करता है,

अच्छा नेता आदेश नहीं देता, दिशा देता है।
 
  • नवाचार को संस्कृति बनाना
टेक्नोलॉजी की दुनिया में स्थिर रहना सबसे बड़ा जोखिम होता है। एडोब ने फोटो एडिटिंग से लेकर डिजिटल मार्केटिंग तक कई नए प्लेटफॉर्म विकसित किए। यह संभव हुआ क्योंकि कंपनी में नवाचार को संस्कृति की तरह अपनाया गया। नेतृत्व की यही समझ किसी भी संस्था को लंबे समय तक प्रासंगिक बनाए रखती है।
 
  • ग्राहकों की जरूरत समझना
सफल बिजनेस वही होता है जो ग्राहकों की जरूरतों को समझे। एडोब ने डिजाइनर्स, क्रिएटर्स और मार्केटिंग प्रोफेशनल्स के लिए ऐसे टूल्स बनाए जो उनके काम को आसान बनाते हैं। यही कारण है कि कंपनी आज डिजिटल क्रिएटिविटी की दुनिया में अग्रणी है। नेतृत्व का एक मूल सिद्धांत यही है,

उत्पाद नहीं, समस्या का समाधान बनाइए।
 
  • लंबी सोच के साथ फैसले लेना
कॉरपोरेट दुनिया में कई फैसले तुरंत लाभ के लिए किए जाते हैं, लेकिन महान नेतृत्व हमेशा लंबी दूरी देखता है। शांतनु नारायण ने कई बार ऐसे निर्णय लिए जिनका लाभ तुरंत नहीं दिखा, लेकिन समय के साथ उन्होंने कंपनी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया। यह रणनीति बताती है,

दूरदर्शी नेता आज नहीं, आने वाले वर्षों के बारे में सोचता है।
 
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