आज देशभर में वर्ल्ड हिंदी दिवस मनाया जा रहा है। वैसे भाषा के लिए कोई एक दिन तय नहीं होता है, लेकिन हिंदी भाषा को सम्मान देते हुए एक दिन निर्धारित किया गया हैं।आप सभी को याद होगा कि हिंदी दिवस के दिन हम अपने स्कूल में सारे काम हिंदी में करते थे। ब्लैकबोर्ड पर तारीख से लेकर दिन तक सबकुछ हिंदी में लिखते थे। पर क्या आप जानते हैं कि कब से वर्ल्ड हिंदी दिवस को मनाने की की शुरुआत हुई है।
जानें हिंदी दिवस का इतिहास
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने हिन्दी भाषा का महत्व बनाए रखने के लिए साल 2006 में प्रति वर्ष 10 जनवरी को हिन्दी दिवस मनाने की घोषणा की थी। विश्व में हिन्दी का विकास करने और एक अंतरराष्ट्रीय भाषा के तौर पर इसे प्रचारित-प्रसारित करने के उद्देश्य से विश्व हिन्दी सम्मेलनों की शुरुआत की गई और प्रथम विश्व हिन्दी सम्मेलन 10 जनवरी 1975 को नागपुर में आयोजित हुआ था।साथ ही आपको बता दें कि 14 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी दिवस मनाया जाता है। बता दें कि इस दिन हिंदी को राजभाषा का दर्जा मिला था। तब से हर साल यह दिन 'हिंदी दिवस' के तौर पर मनाया जाता है। पहला हिंदी दिवस 14 सितंबर 1953 में मनाया गया था।
हिंदी दिवस से जुड़े रोचक इतिहास
साल 1918 में महात्मा गांधी ने हिंदी साहित्य सम्मेलन में हिन्दी भाषा को राष्ट्रभाषा बनाने को कहा था। इसे गांधी जी ने जनमानस की भाषा भी कहा था। देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने कहा कि इस दिन के महत्व देखते हुए हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाए। 1954 में भारत सरकार ने हिंदी व्याकरण तैयार करने के लिए समिति का गठन किया।