Karwa Chauth 2025: भारतीय सुहागिनों का सबसे प्रिय व्रत करवाचौथ इस वर्ष 10 अक्तूबर 2025 को मनाया जा रहा है। इस व्रत की शुरुआत सास द्वारा दी गई सर्गी से होती है, जिसे सुहागिन महिलाएं सूर्योदय से पहले ग्रहण करती हैं। सर्गी केवल भोजन नहीं, बल्कि परंपरा, आशीर्वाद और प्रेम का प्रतीक है। करवाचौथ की सर्गी थाली केवल एक प्रथा नहीं, बल्कि भारतीय स्त्री की शक्ति, प्रेम और संस्कारों की झलक है। सास द्वारा दिया गया हर निवाला आशीर्वाद बनकर बहू के जीवन में सौभाग्य और सुख लाता है। इस वर्ष 2025 में करवाचौथ की सर्गी को पूरी श्रद्धा और प्रेम से तैयार करें क्योंकि यही व्रत की सबसे पवित्र शुरुआत है। आइए जानते हैं कि सर्गी थाली में क्या-क्या रखना शुभ और आवश्यक माना जाता है ताकि व्रत पूर्ण श्रद्धा, ऊर्जा और सकारात्मकता के साथ सम्पन्न हो।
सरगी थाली में शामिल करने योग्य 11 वस्तुएं
दूध या दूध से बनी मिठाई
शरीर को ऊर्जा देने के लिए सर्गी में दूध या दूध से बनी मिठाई जैसे रसगुल्ला, पनीर मिठाई या खीर रखना शुभ माना जाता है।
फेनी या सेवईं
फेनी करवाचौथ की पारंपरिक डिश है, जो घी में भूनकर दूध में डाली जाती है। इसे सबसे पहले खाया जाता है क्योंकि यह सौभाग्य का प्रतीक है।
फल
ताजे फल जैसे सेब, अनार और केला शरीर में जल और ऊर्जा संतुलन बनाए रखते हैं। व्रत से पहले अनार और केले का सेवन शरीर के लिए फायदेमंद हो सकता है।
रोटी या परांठा
सर्गी में हल्का भोजन रखना चाहिए, जिससे दिनभर व्रत के दौरान कमजोरी न आए। रोटी या पराठे का सेवन कर सकते हैं।
सूखे मेवे
बादाम, काजू, किशमिश और अखरोट ताकत और ऊर्जा का स्रोत हैं। इन्हें सास के हाथों से मिला आशीर्वाद भोज भी माना जाता है।
मिठाई
लड्डू, बर्फी, पेड़ा जैसे मिठास रिश्तों की तरह ही सर्गी की आत्मा है। सास बहू को मिठाई खिलाकर आशीर्वाद देती है।
पान और सुपारी
सौभाग्य का प्रतीक पान सर्गी का पारंपरिक हिस्सा है। इसे शुभता के लिए रखा जाता है।
सिंदूर, चूड़ी और बिंदी
कुछ परिवारों में सास सर्गी के साथ ये सुहाग सामग्री भी देती हैं, जो सौभाग्य और समर्पण का प्रतीक होती है।
जल या नारियल पानी
व्रत के पहले शरीर में जल की पूर्ति के लिए सर्गी में थोड़ा पानी या नारियल पानी लिया जाता है।