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Jagannath Rath Yatra 2026: इस साल कब निकलेगी भगवान जगन्नाथ की भव्य यात्रा?

Mon, 13 Apr 2026 11:02 AM IST
Shivani Awasthi लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

Rath Yatra 2026 Date: जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 16 जुलाई को मनाई जाएगी। यह आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को होती है और पुरी, ओडिशा में भव्य रूप से आयोजित की जाती है।

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जगन्नाथ रथ यात्रा कब है - फोटो : AI
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विस्तार
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Rath Yatra Kab Hai: भारत के सबसे भव्य और पवित्र त्योहारों में से एक, जगन्नाथ रथ यात्रा हर साल लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है। यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और भक्ति का अद्भुत संगम है। ओडिशा के पुरी में आयोजित होने वाली यह यात्रा भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ निकलती है, जिसे देखने के लिए देश-विदेश से भक्त पहुंचते हैं।

रथ यात्रा का सबसे खास पहलू यह है कि इस दिन भगवान स्वयं अपने मंदिर से बाहर निकलकर भक्तों के बीच आते हैं। यह दृश्य बेहद भावुक और दिव्य होता है। विशाल रथों को हजारों लोग मिलकर खींचते हैं, जो एकता और श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है।

अगर आप भी जानना चाहते हैं कि 2026 में जगन्नाथ रथ यात्रा कब है, इसका धार्मिक महत्व क्या है और इसे कैसे मनाया जाता है, तो यह लेख आपके लिए बेहद खास है। यहां आपको पूरी जानकारी आसान भाषा में मिलेगी, जिससे आप इस पावन पर्व को और अच्छे से समझ पाएंगे।

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जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 की तिथि

साल 2026 में जगन्नाथ रथ यात्रा 16 जुलाई, गुरुवार को निकाली जाएगी। यह पर्व हर साल आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। पुरी में यह यात्रा विशेष रूप से प्रसिद्ध है, जहां लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं।


रथ यात्रा का धार्मिक महत्व

यह यात्रा भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की नगर यात्रा है। मान्यता है कि इस दिन भगवान अपने भक्तों को दर्शन देने के लिए स्वयं बाहर आते हैं। यह पर्व भक्ति, प्रेम और समर्पण का प्रतीक माना जाता है।

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रथ यात्रा की खास परंपरा

इस उत्सव में तीन विशाल रथ बनाए जाते हैं, जिन्हें भक्त मिलकर खींचते हैं। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और इसमें किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होता। 
 

प्रमुख रीति-रिवाज और पूजा विधि

रथ यात्रा से पहले स्नान पूर्णिमा, अनवसर और गुंडिचा मंदिर की सफाई जैसे अनुष्ठान किए जाते हैं। यात्रा के दिन भगवान को रथ पर विराजमान कर शोभायात्रा निकाली जाती है और भजन-कीर्तन होते हैं।


क्यों है यह पर्व इतना खास?

यह एक ऐसा त्योहार है जहां भगवान और भक्त के बीच की दूरी मिट जाती है। रथ यात्रा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है, जिसमें हर वर्ग के लोग शामिल होते हैं।

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