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International Yoga Day 2024: 21 जून को क्यों मनाते हैं योग दिवस? जानिए इतिहास, महत्व और इस वर्ष की थीम

Thu, 20 Jun 2024 10:51 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पहली बार 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था।
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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2024 - फोटो : istock
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विस्तार
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International Yoga Day 2024 : भारत के विश्व गुरु बनने का समय आ गया है। योग के मामले में भारत विश्व गुरु है। भारत ने योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई और योग के जरिए सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा दिया। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग लाभकारी है। यह शरीर को रोगमुक्त रखता है और मन को शांति प्रदान करता है। भारतीय संस्कृति से जुड़ी ये क्रिया अब विदेशों तक फैल चुकी है। हर साल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है और इस दौरान दुनियाभर के लोग सामूहिक रूप से योगाभ्यास करते हैं।

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इस लेख के जरिए जानिए कि योग दिवस कब और क्यों मनाया जाता है, इस दिन को मनाने की शुरुआत कैसे हुई,  साथ ही योग दिवस 2024 की थीम क्या है।

कब मनाया जाता है योग दिवस

प्रतिवर्ष वैश्विक स्तर पर 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य योग के लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और वैश्विक स्तर पर योग के अभ्यास को प्रोत्साहित करना है।
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योग दिवस का इतिहास

पहली बार 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था। उसी वर्ष 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति देते हुए 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। इस प्रस्ताव को 177 देशों का समर्थन मिला।

पहली बार योग दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया था। इस दिन विश्व के लाखों लोगों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया। वहीं भारत में मुख्य कार्यक्रम का आयोजन नई दिल्ली के राजपथ पर हुआ, जिसमें 35000 से अधिक लोग शामिल हुए।

21 जून को ही क्यों मनाया जाता है योग दिवस

योग दिवस मनाने के लिए 21 जून का ही दिन निर्धारित करने की एक खास वजह है। 21 जून उत्तरी गोलार्ध में सबसे लंबा दिन होता है, जिसे ग्रीष्म संक्रांति कहते हैं। यह दिन साल का सबसे लंबा दिन मना जाता है। ग्रीष्म संक्रांति के बाद सूर्य दक्षिणायन में प्रवेश करता है जिसे योग और अध्यात्म के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में इस दिन को योग दिवस के रूप में मनाए जाने का फैसला लिया गया।

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2024 - फोटो : Amar Ujala
योग दिवस का महत्व

शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य

योग के माध्यम से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है। शरीर स्वस्थ रहता है और रोगों की चपेट में आने से बच जाता है। वहीं अगर कोई रोग से ग्रस्त हैं तो उसके निवारण के लिए भी नियमित योग असरदार होता है।

सकारात्मक जीवनशैली

योग एक स्वस्थ और संतुलित जीवन शैली को प्रोत्साहित करता है। ध्यान व योग मानसिक शांति देता है, जिससे सकारात्मक विचार आते हैं और लोग स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने के लिए प्रोत्साहित होते हैं।

सांस्कृतिक एकता

योग एक प्राचीन भारतीय परंपरा है, जो अब वैश्विक संस्कृति का हिस्सा बन चुकी है। योग से परस्पर देश विदेश के योगी एक दूसरे से जुड़ते हैं और सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देते हैं।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2024 की थीम

हर साल योग दिवस की एक खास थीम होती है। इस साल योग दिवस की थीम समाज को स्वस्थ और मजबूत बनाने पर आधारित है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2024 की थीम 'स्वयं के लिए और समाज के लिए योग (Yoga For Self And Society)' है।
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