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International Dog Day: कुत्तों को समर्पित खास दिन आज, जानें क्यों हुई अंतरराष्ट्रीय श्वान दिवस मनाने की शुरुआत

Tue, 26 Aug 2025 11:31 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

International Dog Day 2025: श्वान दिवस न केवल कुत्तों के प्रति प्रेम और सम्मान का प्रतीक है, बल्कि लोगों को पशु अधिकारों और उनके संरक्षण के प्रति जागरूक करने का भी माध्यम है। आइए जानते हैं कि अंतरराष्ट्रीय श्वान दिवस मनाने की शुरुआत कब और क्यों हुई।
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अंतर्राष्ट्रीय श्वान दिवस - फोटो : Adobe
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विस्तार
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International Dog Day: इन दिनों आवारा कुत्तों के आतंक के कई मामले सामने आने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सख्त फैसला अपनाया और आवारा कुत्तों की नसबंदी का आदेश दिया। कई पूरे प्रकरण के बाद डाॅग लवर्स को निराशा और राज्य सरकारों की कुत्तों पर निगरानी बढ़ गई है। इसी बीच आज यानी 26 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय श्वान दिवस मनाया जा रहा है। हर साल वैश्विक स्तर पर कुत्तों को समर्पित एक खास दिन मनाया जाता है। इस दिन लोग अपने पालतू कुत्तों को खास महसूस कराते हैं, उन्हें दुलारते हैं और उनकी देखभाल के प्रति नई जिम्मेदारियां निभाने का संकल्प लेते हैं। इसके साथ ही यह दिन उन आवारा कुत्तों और शेल्टर होम्स में रह रहे श्वानों की मदद करने का भी अवसर है, जिनकी देखभाल और प्यार की सबसे ज्यादा जरूरत होती है।

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कुत्ते सिर्फ एक पालतू जानवर नहीं होते हैं, बल्कि इन्हें इंसान का सबसे अच्छा दोस्त माना जाता है। उनकी वफादारी, संवेदनशीलता और निस्वार्थ प्रेम की कोई तुलना नहीं। इसी गहरे रिश्ते को सम्मान देने के लिए हर साल दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय श्वान दिवस मनाया जाता है। यह दिन न केवल कुत्तों के प्रति प्रेम और सम्मान का प्रतीक है, बल्कि लोगों को पशु अधिकारों और उनके संरक्षण के प्रति जागरूक करने का भी माध्यम है। आइए जानते हैं कि अंतरराष्ट्रीय श्वान दिवस मनाने की शुरुआत कब और क्यों हुई।




अंतरराष्ट्रीय श्वान दिवस कब मनाया जाता है?

हर साल 26 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय श्वान दिवस मनाया जाता है। इस तारीख का चयन इसलिए किया गया क्योंकि इसी दिन लेखक और पशु अधिकार कार्यकर्ता कोलीन पेज ने 2004 में पहली बार इसे मनाने की पहल की थी।
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श्वान दिवस का इतिहास

कोलीन पेज ने श्वानों के प्रति इंसानों की जिम्मेदारियों और उनकी सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए यह दिन तय किया। उनका मानना था कि इंसान और कुत्ते के बीच का रिश्ता सबसे पवित्र है, जिसे समाज में और सम्मान मिलना चाहिए।


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अंतरराष्ट्रीय श्वान दिवस का महत्व

यह दिन हमें याद दिलाता है कि कुत्ते न सिर्फ पालतू होते हैं, बल्कि परिवार का हिस्सा होते हैं। वे हमें सुरक्षा, प्यार और साथ देते हैं। साथ ही, यह दिन एनिमल क्रुएल्टी (पशु क्रूरता) के खिलाफ आवाज उठाने और डॉग अडॉप्शन को बढ़ावा देने का भी प्रतीक है।

कैसे मनाया जाता है यह दिन

लोग इस दिन अपने कुत्तों को ट्रीट देते हैं, उनके साथ बाहर घूमने जाते हैं और उनकी हेल्थ चेकअप करवाते हैं। कई लोग शेल्टर होम्स में जाकर आवारा कुत्तों को खाना खिलाते हैं और गोद लेने की पहल करते हैं। आज जब शहरों में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ रही है और कई बार उनके साथ अमानवीय व्यवहार होता है, तब यह दिन हमें जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा देता है। यह बताता है कि हर श्वान को प्यार, सुरक्षा और सम्मान मिलना चाहिए।

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