Indian Army Day 2026: भारत की आज़ादी के बाद जिस संस्था ने सबसे पहले अनुशासन, बलिदान और राष्ट्रसेवा का उदाहरण पेश किया, वह है भारतीय सेना। सीमा पर खड़ा एक जवान केवल हथियार नहीं उठाता, वह देश की नींद की रखवाली करता है। भारतीय सेना दिवस उसी समर्पण और साहस को नमन करने का दिन है। 2026 में भी यह दिन हमें याद दिलाता है कि शांति केवल शब्दों से नहीं, बल्कि सतर्कता और बलिदान से सुरक्षित रहती है।
भारतीय सेना दिवस 2026 कब मनाया जाता है?
भारतीय सेना दिवस हर साल 15 जनवरी को मनाया जाता है। इस दिन को इसलिए चुना गया क्योंकि 15 जनवरी 1949 को जनरल के.एम. करियप्पा ने भारत के पहले कमांडर-इन-चीफ के रूप में कार्यभार संभाला था। इसी के साथ भारतीय सेना का नेतृत्व पूरी तरह भारतीय हाथों में आया।
भारतीय सेना दिवस का इतिहास
ब्रिटिश शासन के दौरान भारतीय सेना की कमान विदेशी अधिकारियों के पास थी। आज़ादी के बाद सेना का भारतीयकरण एक ऐतिहासिक कदम था। 15 जनवरी 1949 को यह सपना पूरा हुआ और यह दिन भारतीय सैन्य इतिहास का मील का पत्थर बन गया।
भारतीय सेना की प्रमुख उपलब्धियां
1947–48 का कश्मीर युद्ध
देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए सेना ने कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बनाए रखा।
1965 और 1971 के युद्ध
1971 के युद्ध में पाकिस्तान पर निर्णायक जीत और बांग्लादेश का गठन भारतीय सेना की ऐतिहासिक उपलब्धि है।
कारगिल युद्ध 1999
कठिन परिस्थितियों में दुश्मन को खदेड़कर सेना ने अद्भुत साहस दिखाया।
आतंकवाद विरोधी अभियान
कश्मीर और उत्तर-पूर्व में शांति स्थापना में सेना की अहम भूमिका।
संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन
भारत दुनिया के सबसे बड़े UN Peacekeeping Force देने वाले देशों में शामिल है।
सेना दिवस का महत्व
- जवानों के बलिदान को सम्मान
- युवाओं में देशभक्ति की भावना
- सेना और नागरिकों के बीच विश्वास