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Indian Army Day 2025: 15 जनवरी को ही क्यों मनाते हैं भारतीय सेना दिवस, जानिए इतिहास और हमारी सैन्य उपलब्धियां

Wed, 15 Jan 2025 01:23 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

क्या आपने सोचा है कि 15 जनवरी को ही सेना दिवस क्यों मनाया जाता है? इसके पीछे भारतीय सेना के गौरवशाली इतिहास और फील्ड मार्शल केएम करियप्पा के योगदान की महत्वपूर्ण भूमिका है।
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भारतीय सेना दिवस 2025 - फोटो : अमर उजाला, ग्राफिक
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विस्तार
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Indian Army Day 2025: 15 जनवरी का दिन भारत के लिए बेहद खास है। इस दिन को हर साल भारतीय सेना दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन उन सैनिकों के सम्मान का प्रतीक है जो हमारी सीमाओं की रक्षा करते हैं और देश के गौरव को बनाए रखते हैं। 2025 में 77वां सेना दिवस मना रहा है। इस अवसर पर नई दिल्ली और अन्य सेना मुख्यालयों में सैन्य परेड, प्रदर्शनियां और विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

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यह दिन भारतीय सेना की वीरता, शौर्य और उनके बलिदानों को याद करने का समय है। लेकिन क्या आपने सोचा है कि 15 जनवरी को ही सेना दिवस क्यों मनाया जाता है? इसके पीछे भारतीय सेना के गौरवशाली इतिहास और फील्ड मार्शल केएम करियप्पा के योगदान की महत्वपूर्ण भूमिका है।

भारतीय सेना दिवस का इतिहास?

भारत की आजादी से पहले भारतीय सेना का नेतृत्व ब्रिटिश कमांडरों के हाथ में था। 1947 में आजादी के बाद भी भारतीय सेना का अध्यक्ष ब्रिटिश मूल का ही होता था। लेकिन 15 जनवरी 1949 को यह इतिहास बदला, जब लेफ्टिनेंट जनरल केएम करियप्पा आजाद भारत के पहले भारतीय सेना प्रमुख बने।
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केएम करियप्पा ने भारत-पाकिस्तान के बीच 1947 के युद्ध में भारतीय सेना का नेतृत्व किया। उनकी कुशल रणनीति और नेतृत्व ने उन्हें भारतीय सेना के लिए एक प्रेरणा बना दिया। करियप्पा 1953 में सेना से रिटायर हुए और बाद में उन्हें 1986 में फील्ड मार्शल का मानद रैंक दिया गया। उनकी उपलब्धियों में 1947 के भारत-पाक युद्ध का नेतृत्व और द्वितीय विश्व युद्ध में जापानियों को हराने के लिए ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एंपायर से सम्मानित होना शामिल है।

15 जनवरी को सेना दिवस क्यों मनाया जाता है?

15 जनवरी 1949 को फील्ड मार्शल केएम करियप्पा ने भारतीय सेना के पहले भारतीय प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाला। यह भारत के इतिहास का एक महत्वपूर्ण पल था, क्योंकि यह दिन भारतीय सेना में स्वदेशी नेतृत्व की शुरुआत का प्रतीक बना। इसलिए हर साल 15 जनवरी को भारतीय सेना दिवस के रूप में मनाया जाता है।

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Army Day 2025 - फोटो : freepik
भारतीय सेना की प्रमुख उपलब्धियां

1947-48: कश्मीर युद्ध

कश्मीर युद्ध भारतीय सेना की पहली बड़ी चुनौती थी। पाकिस्तान ने कश्मीर को हथियाने के इरादे से हमला किया। कश्मीर के तत्कालीन शासक महाराजा हरि सिंह के अनुरोध पर भारतीय सेना ने कार्रवाई की और कश्मीर को बचाया। भारतीय सैनिकों की बहादुरी और कुशल रणनीति ने दुश्मन को पीछे हटने पर मजबूर किया।  

1962: चीन-भारत युद्ध

1962 में चीन ने भारतीय हिमालयी सीमाओं पर हमला किया। उस समय भारतीय सेना पूरी तरह तैयार नहीं थी, जिससे भारत को नुकसान हुआ। लेकिन इसके बाद भारतीय सेना ने अपनी ताकत और रणनीति को मजबूत किया और सीमा पर चीन को कड़ा जवाब देने में सक्षम हो गई।  

1965: भारत-पाकिस्तान युद्ध

1965 में पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ा। भारतीय सेना ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया और युद्ध में उसे पराजित किया। यह युद्ध भारतीय सैनिकों के साहस और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है।

1971: बांग्लादेश युद्ध

पाकिस्तानी सेना ने बंगाल क्षेत्र पर कब्जा जमा लिया और बांग्लादेशियों को भारत में शरण लेने के लिए मजबूर कर दिया था। भारत ने पाकिस्तान के पूर्वी इलाके पर कब्जा करके 90000 कैदियों को आजादी दिलाई और उस क्षेत्र को बांग्लादेश के तौर पर एक स्वतंत्र पहचान दिलाई।

1999: कारगिल युद्ध

पाकिस्तानी सेना के खिलाफ ऑपरेशन विजय चलाया गया। इस ऑपरेशन में भारतीय सेना की जीत इतिहास में सुनहरे अक्षरों से दर्ज हो गई। यह कारगिल युद्ध के नाम पर भी मशहूर है। 
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