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Fundamental Duties: अधिकार तो सब जानते हैं, लेकिन क्या आपको संविधान के 11 मूल कर्तव्य पता हैं?

Tue, 11 Aug 2026 04:33 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A में 11 मूल कर्तव्य दिए गए हैं। इनमें संविधान, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का सम्मान, देश की एकता और अखंडता की रक्षा, सामाजिक सद्भाव, पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा और उत्कृष्टता की ओर बढ़ना शामिल है। 6 से 14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने का कर्तव्य भी माता-पिता या अभिभावकों के लिए निर्धारित है।
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संविधान के 11 मूल अधिकार - फोटो : Ai
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विस्तार
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Constitution Of India Fundamental Duties: 15 अगस्त 1947 को भारत के आजाद होने के बाद 1950 में देश में संविधान लागू हुआ। भारतीय संविधान नागरिकों को कई महत्वपूर्ण अधिकार देता है, लेकिन इसके साथ नागरिकों के लिए कुछ जिम्मेदारियां भी निर्धारित की गई हैं। इन्हें मूल कर्तव्य कहा जाता है और इनका उल्लेख संविधान के अनुच्छेद 51A में किया गया है।

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वर्तमान में संविधान में 11 मूल कर्तव्य हैं। मूल कर्तव्यों में संविधान और उसके आदर्शों का सम्मान करने से लेकर देश की एकता और अखंडता की रक्षा, सामाजिक सद्भाव बढ़ाने, महिलाओं की गरिमा का सम्मान करने, प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा करने और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने जैसी जिम्मेदारियां शामिल हैं। सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा और हिंसा से दूर रहने की बात भी संविधान में कही गई है। साथ ही माता-पिता या अभिभावकों के लिए 6 से 14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने का कर्तव्य भी शामिल है। 

यही वजह है कि मूल कर्तव्यों को समझना केवल विद्यार्थियों या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए जरूरी नहीं है। ये हर नागरिक के दैनिक जीवन से जुड़े हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि संविधान के मूल कर्तव्य क्या हैं और हर भारतीय को इनके बारे में क्यों जानना चाहिए।
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संविधान के 11 मूल कर्तव्य 
 

  1. संविधान, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का सम्मान करना।

  2. स्वतंत्रता संग्राम के महान आदर्शों को अपनाना।

  3. भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा करना।

  4. देश की रक्षा करना और आवश्यकता पड़ने पर राष्ट्रीय सेवा देना।

  5. सद्भाव और भाईचारे की भावना बढ़ाना तथा महिलाओं की गरिमा के विरुद्ध प्रथाओं को त्यागना।

  6. भारत की समृद्ध और मिश्रित सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना।

  7. प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा और सुधार करना तथा जीव-जंतुओं के प्रति करुणा रखना।

  8. वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानवतावाद और सुधार की भावना विकसित करना।

  9. सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना और हिंसा से दूर रहना।

  10. व्यक्तिगत और सामूहिक गतिविधियों के हर क्षेत्र में उत्कृष्टता की ओर बढ़ना।

  11. माता-पिता या अभिभावक के रूप में 6 से 14 वर्ष के बच्चे को शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना।

 

हर भारतीय को मूल कर्तव्यों के बारे में क्यों जानना चाहिए?

मूल कर्तव्य नागरिक जीवन के कई सामान्य पहलुओं से जुड़े हैं, संविधान का सम्मान, सामाजिक सद्भाव, पर्यावरण संरक्षण, सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा, वैज्ञानिक सोच और बच्चों की शिक्षा। इसलिए इनके बारे में जानकारी केवल परीक्षा के लिए नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिकता को समझने के लिए भी महत्वपूर्ण है।

अधिकार और कर्तव्य एक-दूसरे से अलग नहीं हैं। एक जागरूक नागरिक अपने अधिकारों को समझने के साथ यह भी जानता है कि समाज और देश के प्रति उसकी क्या जिम्मेदारियां हैं। संविधान के मूल कर्तव्यों को इसी व्यापक नागरिक जिम्मेदारी के संदर्भ में समझना चाहिए।

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