दरअसल 40 के बाद महिलाओं के शरीर और मन में कई स्वाभाविक बदलाव आते हैं, जिन्हें स्वीकार करना कभी-कभी मुश्किल लगता है। लेकिन क्या इन बदलावों का मतलब यह है कि आप अपनी जिंदगी का आनंद लेना कम कर दें?
बिल्कुल नहीं! जरूरत है तो बस अपनी सेहत और मानसिक सुकून को प्राथमिकता देने की। इसलिए 40 के बाद खुश और स्वस्थ रहने के चार आसान मंत्र आपको जान लेने चाहिए।
आदत में संतुलित और पौष्टिक आहार
40 के बाद शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों और ऊर्जा खर्च में बदलाव आता है। इसलिए इस उम्र में ऐसी डाइट लेना शुरू करें, जिसमें शरीर को पर्याप्त प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स मिल सकें। आप अपनी प्लेट में हरी सब्जियां, मौसमी फल, साबुत अनाज, दालें, अंडे या अन्य प्रोटीन स्रोत और स्वस्थ वसा को शामिल करें।
सबसे जरूरी है कि आप अत्यधिक चीनी, बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड फूड और जरूरत से ज्यादा तली-भुनी चीजों का सेवन सीमित कर दें। संतुलित आहार वजन प्रबंधन के साथ-साथ हृदय और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में भी मदद करता है।
शरीर को एक्टिव रखें- योग और व्यायाम जरूरी
इस उम्र में आते ही आप रोजाना तेज चाल से चलना, तैराकी, साइकिल चलाना या अपनी क्षमता के अनुसार कोई अन्य शारीरिक गतिविधि शुरू कर दें। इसके साथ स्ट्रेंथ ट्रेनिंग मांसपेशियों और हड्डियों की मजबूती बनाए रखना भी बेहद जरूरी है।
योग शरीर के लचीलेपन और संतुलन के लिए मददगार है, जबकि ध्यान और सांस से जुड़े अभ्यास तनाव को संभालने में सहायक होते हैं। आप शुरुआत धीरे-धीरे करें और अपनी शारीरिक स्थिति के अनुसार व्यायाम की तीव्रता बढ़ाती जाएं।
मानसिक स्वास्थ्य को बराबर महत्व
स्वस्थ शरीर के साथ मन का स्वस्थ होना भी जरूरी है। 40 के बाद परिवार, कॅरिअर और व्यक्तिगत जिम्मेदारियों के कारण तनाव अक्सर बढ़ जाता है। ऐसे में अपने लिए समय निकालना स्वार्थ नहीं, सेल्फ-केयर का तरीका है।
रोज ध्यान, प्राणायाम, किताब पढ़ने, संगीत सुनने, बागवानी या अपनी पसंद की किसी हॉबी के लिए कुछ समय निकालें। अगर किसी भी कारण लगातार उदासी, चिंता या तनाव महसूस हो रहा हो, तो मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात करने में संकोच न करें।
नींद और हाइड्रेशन से समझौता नहीं
इस उम्र में और आगे भी आपका शरीर और दिमाग बेहतर तरीके से काम करे, इसके लिए पर्याप्त नींद जरूरी है। अधिकांश वयस्कों के लिए नियमित रूप से करीब 7-9 घंटे की नींद उपयोगी मानी जाती है। इसलिए अपने सोने और जागने का समय तय करें।
रात में स्क्रीन का इस्तेमाल कम करें। साथ ही दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। पानी की जरूरत हर व्यक्ति की गतिविधि, मौसम और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है, इसलिए केवल किसी तय संख्या पर निर्भर रहने के बजाय प्यास और शरीर की जरूरत पर ध्यान दें।
खुद का ख्याल न रखना बन सकता है समस्या
40 के बाद जिंदगी को धीमा करने की नहीं, बल्कि उसे बेहतर ढंग से जीने की जरूरत होती है। पौष्टिक भोजन, नियमित गतिविधि, मानसिक सुकून और पर्याप्त आराम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। यकीनन आप उम्र के साथ आने वाले बदलावों को बेहतर तरीके से संभाल सकती हैं। आखिर खूबसूरत और स्वस्थ जीवन का मतलब सिर्फ ज्यादा साल जीना नहीं, बल्कि हर साल को बेहतर तरीके से जीना ही तो है।