गर्मियों में राहत पाने के लिए एसी की तुलना में कूलर काफी किफायती विकल्प है। लेकिन कूलर चलने के बाद कमरे में उमस, चिपचिपाहट तो कई बार घुटन महसूस होने लगती है, जिससे परेशानी बढ़ जाती है। ऐसे में कुछ छोटे-छोटे उपाय अपनाकर आप इस स्थिति से आसानी से बच सकती हैं।
वेंटिलेशन का ख्याल
कमरे में उमस तब होती है, जब कूलर से निकली हवा किसी अन्य स्थान से बाहर न निकले। ऐसे में नमी न बढ़े, इसके लिए कमरे की एक खिड़की या दरवाजा खुला रखें, ताकि क्रॉस वेंटिलेशन बना रहे और कमरा ठंडा और आरामदायक महसूस हो।
सही दिशा
आप कमरे में कूलर ऐसी दिशा में रखें, जहां से हवा सीधे शरीर पर न आए, बल्कि कमरे में चारों तरफ फैले। इससे कमरे में ठंडक संतुलित रूप से बनी रहती है और उमस या चिपचिपाहट महसूस नहीं होती।
ठंडा पानी
अधिक ठंडक के लिए आप कूलर के टैंक में सामान्य पानी के बजाय ठंडा पानी या बर्फ डाल सकती हैं। आजकल लोग टूटे घड़े के टुकड़े भी कूलर में डालने लगे हैं, जो कि उसके पानी को लंबे समय तक ठंडा रखते हैं।
नियमित साफ-सफाई
यदि कूलर के पैड्स गंदे हो गए हैं तो उनमें से निकलने वाली हवा में बदबू और चिपचिपाहट आ सकती है। इसलिए कूलर की हर 10-15 दिन में सफाई जरूर करें।