खासकर बारिश और मानसून के बाद दीवारों पर नमी बढ़ने से प्लास्टर फूलने, उखड़ने या परत के रूप में गिरने लगता है। शुरुआत में लोग इसे केवल सीमेंट लगाकर या पेंट करके छिपाने की कोशिश करते हैं, लेकिन अगर नमी का कारण दूर नहीं किया गया तो कुछ समय बाद प्लास्टर फिर से झड़ सकता है।
इस समस्या को ठीक करने के लिए सबसे पहले उस हिस्से की अच्छी तरह जांच करना जरूरी है। जहां प्लास्टर ढीला हो चुका है, वहां सीधे नया सीमेंट या पुट्टी लगाने के बजाय पुरानी कमजोर परत हटानी चाहिए। इसके बाद सतह को साफ और सूखा करके ही रिपेयर करना बेहतर होता है।
अगर समस्या छोटी है तो घर पर सामान्य मरम्मत की जा सकती है, लेकिन लगातार सीलन, बड़ी दरार या दीवार के कमजोर होने के संकेत दिखाई दें तो विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।
- सबसे पहले झड़ रहा प्लास्टर हटाएं
दीवार के जिस हिस्से का प्लास्टर ढीला हो चुका है, उसे किसी उपयुक्त औजार की मदद से सावधानीपूर्वक हटाएं। केवल ऊपर से थोड़ा-सा खुरचकर नया प्लास्टर न लगाएं, क्योंकि अंदर की कमजोर परत बची रहने पर नई परत भी जल्दी निकल सकती है। जितना हिस्सा खोखला या ढीला दिखाई दे, उसे मजबूत सतह तक साफ करना बेहतर होता है।
- दीवार की सतह को अच्छी तरह साफ करें
पुराना प्लास्टर हटाने के बाद दीवार से धूल, मिट्टी और ढीले कणों को साफ करें। अगर सतह गीली है तो पहले उसे पूरी तरह सूखने दें। नमी वाली दीवार पर तुरंत पुट्टी या नया प्लास्टर लगाने से उसकी पकड़ कमजोर हो सकती है। इसी चरण में यह भी देखें कि कहीं पाइपलाइन से पानी का रिसाव तो नहीं हो रहा।
- एक आसान तरीका: रिपेयर मोर्टार से भरें
छोटे और सीमित हिस्से में प्लास्टर झड़ने की समस्या होने पर बाजार में मिलने वाले सीमेंट-बेस्ड रिपेयर मोर्टार का इस्तेमाल किया जा सकता है। उत्पाद के निर्देश के अनुसार मिश्रण तैयार करके साफ सतह पर लगाएं और उसे अच्छी तरह समतल करें। बहुत मोटी परत एक साथ लगाने के बजाय जरूरत के अनुसार उचित मोटाई में लगाना बेहतर होता है। बड़ी मरम्मत के लिए स्थानीय मिस्त्री या विशेषज्ञ की मदद लें।
- पूरी तरह सूखने के बाद करें फिनिशिंग
रिपेयर की गई सतह को पर्याप्त समय तक सूखने दें। इसके बाद जरूरत के अनुसार पुट्टी लगाकर सतह को समतल किया जा सकता है। पुट्टी सूखने के बाद हल्की सैंडिंग करें और फिर उपयुक्त प्राइमर व पेंट का इस्तेमाल करें। इससे मरम्मत वाला हिस्सा बाकी दीवार के साथ बेहतर तरीके से मिल जाएगा।
- अगर सीलन है तो पहले उसका कारण ठीक करें
अगर प्लास्टर बार-बार झड़ रहा है, दीवार पर काले धब्बे हैं या पेंट फूल रहा है, तो समस्या सिर्फ प्लास्टर की नहीं हो सकती। बाहरी दीवार से बारिश का पानी अंदर आना, छत की खराब वॉटरप्रूफिंग, पाइपलाइन लीकेज या लगातार नमी इसके कारण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में पहले पानी के स्रोत को ठीक करें और जरूरत पड़ने पर वॉटरप्रूफिंग कराएं। उसके बाद ही नया प्लास्टर और पेंट करना ज्यादा प्रभावी रहेगा।
अगर प्लास्टर बड़े हिस्से में गिर रहा है, दीवार में गहरी दरारें दिखाई दे रही हैं, ईंटें बाहर नजर आ रही हैं या दीवार उभरी हुई लग रही है, तो इसे केवल कॉस्मेटिक रिपेयर न समझें। ऐसी स्थिति में सिविल इंजीनियर या अनुभवी भवन मरम्मत विशेषज्ञ से दीवार की जांच करवाना बेहतर है। समय रहते कारण पता करने से बड़ी और महंगी मरम्मत से बचा जा सकता है।