Republic Day 2026: 26 जनवरी भारत के इतिहास की वह तारीख है, जब देश ने खुद को एक संप्रभु गणराज्य घोषित किया। हरा साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के तौर पर मनाया जाता है। गणतंत्र दिवस पर देश के राष्ट्रपति तिरंगा ध्वज फहराकर सलामी देते हैं। गणतंत्र दिवस पर परेड का आयोजन होता है। देशभक्ति और राज्यों की समृद्धता को दिखाने के लिए झांकियां निकाली जाती हैं। इस दिन राष्ट्रीय अवकाश रहता है। ऐसे में ये बच्चों के लिए छुट्टी वाला दिन हो सकता है।
लेकिन गणतंत्र दिवस केवल परेड देखने या छुट्टी मनाने तक सीमित नहीं है। ये संविधान, लोकतंत्र और नागरिक जिम्मेदारियों की याद करने का अवसर है। सही तरीके से राष्ट्रीय पर्व मनाना जितना ज़रूरी है, उतना ही जरूरी है यह जानना कि 26 जनवरी को क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
77वां गणतंत्र दिवस कैसे मनाएं?
- राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करें
घर, स्कूल या सोसायटी में तिरंगा फहराएं, लेकिन पूरी मर्यादा और नियमों के साथ।
कम से कम संविधान की प्रस्तावना पढ़ें या बच्चों को उसका अर्थ समझाएं।
दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाली गणतंत्र दिवस परेड देश की सैन्य, सांस्कृतिक और तकनीकी ताकत दिखाती है।
- देशभक्ति से जुड़ा कंटेंट साझा करें
सोशल मीडिया पर अर्थपूर्ण संदेश, शायरी या तथ्य साझा करें, सिर्फ फॉरवर्डेड मैसेज न भेजें।
ड्रॉइंग, भाषण, कविता या तिरंगा थीम एक्टिविटी के जरिए उन्हें देश से जोड़ें।
जनवरी को क्या नहीं करें?
- तिरंगे का अपमान न करें। फटा हुआ, जमीन पर पड़ा या गलत रंगों वाला झंडा इस्तेमाल न करें।
- देशभक्ति को मज़ाक न बनाएं। फेक न्यूज़, भड़काऊ पोस्ट या राजनीतिक तंज से बचें।
- सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचाएं। रैली या जश्न के नाम पर तोड़फोड़ देशभक्ति नहीं है।
- सिर्फ छुट्टी समझकर दिन न गंवाएं। गणतंत्र दिवस पिकनिक नहीं, राष्ट्रीय चेतना का दिन है।
- शराब या असंयमित व्यवहार से बचें। यह दिन संयम, गरिमा और अनुशासन का प्रतीक है।