फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब 30 साल में ही लीजिए बिन टेंशन रिटायरमेंट, चाहिए बस थोड़ी प्लानिंग

विज्ञापन
विज्ञापन
अक्सर कामकाजी लोग 10-15 साल की नौकरी के बाद ये सपना देखते है कि काश 40 साल की उम्र तक पहुँचते-पहुँचते इतने पैसे जमा कर पाएँ कि आराम से रिटायर हो सकें। ऐसी इच्छा रखने वाले लोगों का मकसद रिटायर होकर दुनिया देखना, अपनी दिलचस्पी के काम कर पाना और रोज-रोज के दफ्तर-कंपनी के झंझटों से मुक्त होना होता है।
विज्ञापन


सुनने में ये भले ही असंभव लगे, लेकिन कई पश्चिमी देशों के लोगों ने तो कुछ साल खूब काम करके, 30 साल की उम्र तक पैसा बचाकर, रिटायर होना और मन-मर्जी के काम करना शुरू कर दिया है।

हालांकि ऐसा खास कर वो लोग कर रहे हैं जो हर दिन कई-कई घंटे काम करते हुए खासे वेतन वाली नौकरियां से कुछ साल तक चिपके रहे, भले वो उन्हें पसंद थीं या नहीं थीं। फाइनेंशियल प्लानर जेसन हल कहते हैं कि ये लोग नौकरी छोड़ देने के बाद बेहतर जीवन की कल्पना करते हैं।
विज्ञापन


लेकिन इस दिशा में शुरुआत करने के लिए काफी चीजें जरूरी हैं। हल एक सलाह देते हैं, “ऐसा नहीं होना चाहिए कि आप 50 साल तक काम भी करते रहें और 90 साल की उम्र में पैसे भी खत्म हो जाएं। ये तो ऐसा होगा जैसे पेरिस हिल्टन के पैसे अचानक खत्म हो जाएं। ऐसी स्थिति में तो उन्हें भी समझ ही नहीं आएगा कि आगे क्या करना है।”

जैकबसन से सीखें जल्द रिटायरमेंट की प्लानिंग

बीबीसी कैपिटल के जरिए हम आपको उन लोगों के बारे में बता रहा है जो करियर के प्राइम टाइम में ही रिटायर हो गए। जेरेमी जैकबसन 41 साल के हैं। दो साल पहले रिटायरमेंट ले चुके हैं। जब रिटायर नहीं हुए थे तब इंजीनियर के तौर पर हफ्ते में 80 घंटे काम किया करते थे।

लेकिन उससे भी करीब एक दशक पहले, 28 साल की उम्र में फिलिपींस में छुट्टियां मनाते वक्त उन्हें एहसास हुआ कि उन्हें इस भागमभाग वाली ''रैट रेस'' से बाहर निकलना चाहिए।

वॉशिंगटन के सिएटल में रहने वाले जैकबसन कहते हैं, “लंबे समय से मैं समाज के बनाए रास्ते पर चल रहा था, मैं उस स्क्रिप्ट को फॉलो कर रहा था, जो और लोगों ने लिखी थी। जब आप 60 से 80 घंटे प्रति सप्ताह की कामकाजी दुनिया से बाहर निकलते हैं, तब एक बार फिर से बालपन की दुनिया में पहुंचते हैं और नए अवसरों की तलाश करते हैं।”

ऐसे में वे और उनकी पत्नी विन्नी (एक कंप्यूटर कंपनी में प्रोजेक्ट मैनेजर) ने तय किया कि वो अपनी सालाना आमदनी (एक लाख डॉलर) का 70 फीसदी बचाएंगे।

उन्होंने यह 10 साल तक किया। इस दौरान उन्होंने अपने खर्चे में काफी कटौती की। एक समय ऐसा भी रहा जब वे 24 हजार डॉलर के सालाना खर्च पर जीवन यापन करने लगे। उन्होंने अपनी बचत का इस्तेमाल निवेश और सेविंग्स स्कीमों में किया।

जैकबसन के मुताबिक इन दोनों ने ये भी अनुमान लगा लिया था कि उन्हें अपनी जरूरतों के लिए सालाना आमदनी से 25 गुना ज्यादा रकम की जरूरत होगी। उन्होंने अपने पांच महीने के बेटे के कॉलेज की पढ़ाई के खर्च का भी अनुमान लगाया।

आज जैकबसन थाईलैंड, मेक्सिको और ताइवान में रहते हैं। उनकी 33 साल की पत्नी विन्नी ताइवान की हैं। वे साल का अधिकांश समय यात्रा करने में और किराए के घरों में रहने में बताते हैं। जब उनका बेटा बड़ा होगा तब उनकी योजना बेटे की घर पर ही स्कूली शिक्षा कराने की है।

जल्द रिटायर हो कर युवा महसूस करते हैं हेडन

बीते साल सितंबर में रिटायर होने के बाद 30 साल के ब्रेंटन हेडन अपना समय अमरीकी फुटबॉल के मैच देखने और अपनी पत्नी के साथ आराम करने में बिताते हैं।

ऑनलाइन प्रापर्टी मैनेजमेंट कंपनी रेंटर्स वेयरहाउस के पूर्व मुख्य कार्यकारी हेडन कहते हैं कि वो 27 साल में ही रिटायर होना चाहते थे। लेकिन ज्यादा पैसे जमा करने के लिए उन्होंने तीन साल तक और नौकरी कर ली। इसका फायदा ये हुआ कि उन्होंने जब अपना कारोबार बेचा तो उससे उन्हें लाखों डॉलर मिले।

हेडन अब फ्लोरिडा और मिनेसोटा में रहते हैं और बताते हैं, “मैं अब जिंदगी भर युवा रहना चाहता हूं, ना कि बुज़ुर्गों की तरह रिटायर होना....मैं ये भी जानता हूं कि पैसे की कमी होगी तो मैं फिर से कमा सकता हूं।”

इसे संभव करने के लिए उन्होंने बताया कि खूब मेहनत और जीवन की प्लानिंग चाहिए होती है। जब उन्होंने 10 साल पहले रिटायरमेंट की योजना बनाई तो वो दो बार नौकरी खो चुके थे और अपनी कार में ही रह रहे थे।

उन्होंने अनुमान लगाया कि उन्हें रिटायरमेंट के समय कितने पैसों की जरूरत होगी। उसके बाद उन्होंने ऐसी इंडस्ट्री में नौकरी तलाशी जहां पैसा कमाने के ज्यादा अवसर हों। उन्होंने पैसे तेजी से बचाने भी शुरू किए। 2007 में उन्होंने अपने पिता से 3000 डॉलर का कर्ज लेकर रियल एस्टेट का कारोबार शुरू किया।

हेडन कहते हैं, “आपको ये मालूम होना चाहिए कि आप क्या चाहते हैं और उसके लिए आप में जुनून होना चाहिए। वहां तक पहुंचने में चुनौतियां तो होंगी, मुश्किलें भी होंगी। लेकिन वहां तक पहुंचने की क्षमता होनी ज़रूरी है।”

रिटायरमेंट के बाद हेडन अपनी पसंद के प्रोजेक्ट में निवेश कर रहे हैं। उनका सपना इटली में एक घर खरीदने का है और वे अपने परिवार के साथ वहां रहना चाहते हैं और यूरोप की दूसरे जगहों की सैर करना चाहते हैं।

नौकरी के बजाए आजादी को चुन कर खुश हैं कादेरली

कई लोग यात्रा करने के लिए ही समय से पहले रिटायर होना चाहते हैं। ग्वाटेमाला के पानाजाश्चेल में रहने वाले बेली और आकाइशा कादेरली 25 साल पहले 38 साल की उम्र में रिटायर हुए थे।

एटिटलान झील के किनारे स्थित गांव मायान में कादेरली पति-पत्नी या तो सड़क पर अपनी गाड़ी में रहते हैं या फिर दूर दराज के अपार्टमेंट्स में किराए पर रहते हैं। आकाइशा कहती हैं, “हम नहीं चाहते थे कि कोई हमारी रिटायरमेंट की योजना के बारे में जाने और उस पर शक जाहिर कर हमारे फैसले को प्रभावित करे। यह काफी कठिन था लेकिन हमने आजादी को चुना है।”

बेली कादेरली स्टॉकब्रोकर के रूप में कैलिफोर्निया में काम करते थे, जबकि आकाइशा कादेरली एक्जेक्यूटिव सेक्रेटी के तौर पर काम कर रहीं थीं। दोनों मिलकर एक फ्रेंच कैलिफोर्नियन रेस्त्रां भी चलाते थे। वे दोनों एक दूसरे को मुश्किल से घड़ी भर के लिए मिल पाते थे।

लेकिन उन्होंने इस दौरान हजारों डॉलर जमा किए। जब उनके पास बैंक में पांच लाख डॉलर जमा हो गए, तब उन्होंने रिटायरमेंट ले ली। वे छह महीने के लिए कैरेबियाई द्वीप समूह गए और उसके बाद मैक्सिको के चापाला में रहने लगे। वो वहां चार साल तक रहे।

उनकी दिलचस्पी दुनिया के किसी एक इलाके में कई महीने तक रहकर और उसके चप्पे-चप्पे को जानना की है। बेली केदरली के मुताबिक उनके निवेश सालाना 8 फीसदी की दर से बढ़ रहे हैं और उनके पास अब उस समय से ज़्यादा पैसे हैं जब वो रिटायर हुए थे।

बेली कहते हैं, “समय से आपका पैसा बढ़ता है, कंपाउंड इंटरेस्ट के साथ। यह आप अभी शुरू कर सकते हैं। ये कोई रॉकेट साइंस नहीं है।” हालांकि ये पति-पत्नी ये भी कहते हैं कि जीवन ने उन्हें खुद पर भरोसा करना सिखा दिया है और वे किसी भी मुश्किल चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं।

बेली कहते हैं, “हम किसी भी रकम के बदले अपने जीवन के ये 25 साल नहीं बदलते। हमने जो दुनिया देखी और जितने लोगों से मिले, वह अमूल्य जीवन है।”
विज्ञापन

रिटायरमेंट से पहले ही काफी रकम जुटा चुके थे सैम

उधर सैम डोगेन 30 साल की उम्र पार करने के बाद ही वित्तीय तौर पर रिटायरमेंट के लिए तैयार हो चुके थे। वे रियल एस्टेट, डिविडेंड स्टॉक्स और लेंडिंग के जरिए 80 हजार डॉलर सालाना की रकम की व्यवस्था कर चुके थे।

फाइनेंशियल फर्म की नौकरी छोड़ने से भी उन्हें भारी भरकम पैकेज मिला। वे 32 साल की उम्र में ही रिटायर हो गए, लेकिन एक ही समस्या थी, वो बोर होने लगे।

डोगन बताते हैं, “मैं अकेला हो गया था क्योंकि मेरा कोई दोस्त बॉस्केटबॉल खेलने 10 बजे नहीं मिल पाता था। मुझे ऐसा महसूस होने लगा कि जब मैं दादाजी बनूंगा तो मेरा पोता पूछेगा कि आप टेक्नॉलॉजी की गोल्डन ऐज में क्या कर रहे थे? तो मेरा जवाब होगा – रिटायर हो चुका था। ये सोचकर मैं निराश हो गया था।”

इसके बाद उन्होंने यात्रा करनी शुरू की, लेकिन वहां भी मन नहीं लगा। दो साल के बाद ही वो काम पर लौट आए। वो फाइनेशियल टेक स्टार्ट अप के कंसल्टेंट बन गए और अपने ब्लॉग फाइनेंशियल समुराई के लिए लिखने लगे।

उन्होंने बताया कि कामकाजी जिंदगी में वो जो कर रहे थे, वह पसंद नहीं आ रहा था और यही बदलाव की वजह बना।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें