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नए मेहमान की खुशी में कहीं आप इस अहम शख्स को भूल तो नहीं गए?

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अगर आप पहले भी माता पिता बनने का सुख भोग चुके हैं और अब दोबारा यह खुशी आपके घर दस्तक दे रही है या जल्द ही दूसरा बच्चा प्लान कर रहे हैं तो यह खबर आपके लिए जरूरी है।
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बेशक आपने पहले बच्चे की तरह ही दूसरे आने वाले बच्चे के लिए भी बहुत सी तैयारियां कर रखी होंगी लेकिन इन सब के बीच कहीं आप अपने पहले बच्चे को इग्नोर तो नहीं कर रहे।

बाकी तैयारियों के साथ जरूरी है पहले बच्चे को भी तैयार करना उस आने वाले मेहमान के लिए क्योंकि अब वो 'बड़ा' होने वाला है। हम बता रहे हैं आपको कुछ बहुत सरल और जरूरी टिप्स जिनकी मदद से आप इस काम को भी आसान बना सकते हैं।
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पहले बच्चे को कराएं आने वाले का अहसास

प्रेगनेंसी के दौरान आप बच्चे को बताएं कि नए मेहमान के आने से घर में क्या क्या होगा। उसे बच्चे के आने के बारे में बताने के लिए डिलीवरी की निश्चित तारीख बताने के बजाए इस तरह समझाए जो उसके लिए आसान हो जैसे बच्चा सर्दियों में आएगा या उसके जन्मदिन के महीने में।

आने वाले बच्चे के कपड़े व खिलौने चुनने में आप अपने बेटे या बेटी की मदद लीजिए। उसे बच्चे के लात मारने के अनुभव को महसूस कराइये।

दोनों के बीच हो एक खास मुलाकात

नवजात और आपके बड़े बच्चे के बीच की पहली मुलाकात बहुत खास और निजी होनी चाहिए। डिलीवरी हो जाने पर कशिश करें कि बड़ा बच्चे को नए बच्चे से अकेले में मिलवाएं ताकि उसे अपनी अहमियत महसूस हो।

यह स्वाभाविक है कि आपका बड़ा बच्चा बीच में चिढ़चिढ़ाएगा, दुखी होगा, लेकिन जरूरत है कि आप उसकी भावनाएं समझे और इस बदलाव के दौरान उसे संभालें।

बच्चे को बनाएं नवजात के जीवन का हिस्सा

अब जब नवजात अस्पताल से घर आ गया तो आप अपने बड़े बच्चे की कई चीजों में मदद ले सकते हैं। जैसे कि डायपर लाना, बच्चे को पालने में झुलाना। लेकिन अगर वह ऐसा नहीं करना चाहता तो उसपर दबाव न डालें।

आपकी जिम्मेदारी बढ़ गई है इसलिए नवजात के साथ साथ बड़े की भी देखभाल करना न छोड़ें। उसे स्कूल जाने के समय पर, खेलने के जाने के समय पर या किसी भी तरह के टाइमटेबल के साथ छेड़छाड़ न करें।

उसके साथ कुछ अकेले पल बिताएं

अब भले ही आपके पास समय की कमी पड़ेगी लेकिन कोशिश करें कि जब नवजात सो रहा हो तो कुछ समय निकाल कर मां बाप अपने बड़े बच्चे के साथ कुछ मजेदार खेल खेलें, उससे बातें करें। उसे यह महसूस कराएं कि आप अभी भी उसके लिए मौजूद हैं।

हालांकि ऐसा हो सकता है कि इस बीच नवजात को भूख लग आए और वह रोना शुरू कर दे। तो बड़े बच्चे को पूरी तरह अकेले छोड़ कर चले जाने के बजाए उसे उसके मनपसंद काम में उलझा दें। कुछ ऐसे खिलौने निकाल कर देदें जो उसको पसंद हों ताकि वह उसमें व्यस्त रहे।
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जिम्मेदार बनने का न डालें बोझ

जब आपका नवजात रोए या मुसकुराए या प्यारी प्यारी आवाजें निकाले तो अपने बड़े बच्चे को यह सब दिखाएं और उससे पूछें कि उसे क्या लगता है बच्चा कैसा महसूस कर रहा होगा। ऐसा करने से बड़ा बच्चा न सिर्फ नवजात की बल्कि औरों के भावनाएं भी समझना सीखेगा।

जबरदस्ती अपने बच्चे से जिम्मेदार या मेच्योर होने की आशा न करने लगे और न उसपर यह थोपें। क्योंकि उसके लिए भी यह सब नया है और वह खुद भी एक बच्चा ही है। उसे उसकी उम्र से बड़ा बनने के लिए दबाव न डालें।

अपने प्यार में कमी न आने दें और दोनों बच्चों पर बराबर का ध्यान देते रहें। इन टिप्स को अपनाएंगे तो जल्द ही आपका पहला बच्चा आपसे ज्यादा अपने छोटे भाई या बहन की चिंता और उससे प्यार करने लगेगा।

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