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Holi 2025: होली में रंग खरीदते समय रखें इन बातों का ध्यान, कहीं बिगड़ न जाए त्योहार का मजा

Wed, 12 Mar 2025 10:57 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

होली में इन रंगों को खरीदते समय हमें सतर्क रहने की जरूरत होती है। औरथोड़ी सी सावधानी से आप खुद को और अपने परिवार को हानिकारक रंगों के प्रभाव से बचा सकते हैं और त्योहार का भरपूर आनंद ले सकते हैं।
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रंग खरीदते समय रखें इन बातो का ध्यान - फोटो : Adobe
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विस्तार
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Holi 2025 Tips To Purchase Holi Colours: होली का त्योहार आते ही बाजारें सज जाती हैं, जिसमें तरह-तरह के रंग मिलने लगते हैं। लेकिन रंगों की होली तभी अच्छी लगती है जब यह सुरक्षित हो। बाजार में नकली और केमिकल युक्त रंग भी बिकते हैं, त्वचा और सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। हमें हर्बल, ऑर्गेनिक या घर के बने रंगों का ही इस्तेमाल करना चाहिए। इसलिए होली में इन रंगों को खरीदते समय हमें सतर्क रहने की जरूरत होती है। औरथोड़ी सी सावधानी से आप खुद को और अपने परिवार को हानिकारक रंगों के प्रभाव से बचा सकते हैं और त्योहार का भरपूर आनंद ले सकते हैं।

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इसलिए जरूरी है कि हम नकली और केमिकल युक्त रंगों से बचें और सही व सुरक्षित रंगों का चुनाव करें। आइए जानते हैं कि होली के लिए असली और नकली रंगों की पहचान कैसे करें और खरीदारी के दौरान किन बातों का ध्यान रखें।

होली के रंग खरीदते समय रखें इन बातों का ध्यान

प्राकृतिक रंगों को दें प्राथमिकता

 

  • होली के लिए हर्बल और ऑर्गेनिक रंग ही खरीदें। ये त्वचा और बालों के लिए सुरक्षित होते हैं क्योंकि इस तरह के रंग फूलों, हल्दी, चंदन, मेंहदी और अन्य प्राकृतिक सामग्रियों से बनाए जाते हैं।
  • हमेशा ऐसे रंग खरीदें जिनकी पैकेजिंग पर ‘ऑर्गेनिक’, ‘स्किन फ्रेंडली’ या ‘नैचुरल’ लिखा हो।
  • बाजार में मिलने वाले कैमिकल युक्त रंगों की तुलना में ये थोड़े महंगे हो सकते हैं, लेकिन स्वास्थ्य के लिहाज से बेहतरीन होते हैं।

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नकली रंगों की पहचान कैसे करें?

  • अधिक चमकदार और गहरे रंगों में अक्सर कांच का पाउडर, मरकरी सल्फाइड और डाई मिलाए जाते हैं जो त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। 
  • अगर रंग को छूने पर वह बहुत ज्यादा चिकना या रूखा लगता है तो उसमें सिंथेटिक केमिकल हो सकते हैं।
  • हानिकारक रंगों में केरोसिन या किसी अन्य केमिकल की तेज गंध आती है, जबकि प्राकृतिक रंगों में कोई तेज महक नहीं होती।
  • असली और नकली रंग की पहचान के लिए एक कटोरी पानी में रंग मिलाएं। अगर रंग तुरंत घुलकर पानी को पूरी तरह रंगीन कर देता है, तो वह सिंथेटिक हो सकता है। हर्बल रंग धीरे-धीरे घुलते हैं और अधिकतर पानी में पूरी तरह नहीं घुलते।



ब्रांडेड और प्रमाणित रंग खरीदें
 

  • स्थानीय बाजारों से सस्ते और खुले रंग खरीदने के बजाय अच्छे ब्रांड के रंग खरीदें जो ISI या ISO सर्टिफाइड हों।
  • पैकिंग पर निर्माण की तारीख और सामग्री की जानकारी जरूर पढ़ें।
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