क्या आप अपनी नौकरी से खुश हैं? इसके जवाब में आपके लिए भले ही 'हां' या 'न' कहना मुश्किल हो लेकिन दुनिया भर में नौकरीपेशा लोगों की सेहत पर हुए शोधों की मानें तो नौकरीपेशा लोगों की सेहत पर कई बड़े खतरे हमेशा मंडराते हैं।
अलग-अलग शोधों के आधार पर जानिए नौकरीपेशा लोगों की सेहत पर कौन सी बड़ी समस्याएं मंडराती हैं।
दिल का दौरा
लंदन कॉलेज यूनिवर्सिटी के 2012 के एक शोध की मानें तो जो लोग कार्यक्षेत्र में बहुत अधिक महत्वाकांक्षी हैं या काम के दबाव में रहते हैं, उन्हें दिल के दौरे का रिस्क 23 प्रतिशत अधिक रहता है।
डायबिटीज
जर्नल ऑफ ऑक्यूपेशनल मेडिसिन में प्रकाशित शोध की मानें तो नौकरीपेशा महिलाओं को डायबिटीज की आशंका अधिक रहती है। हालांकि शोधकर्ताओं ने अब तक यह नहीं पता लगाया है कि कार्यक्षेत्र और डायबिटीज का पुरुषों से भी उतना ही संबंध है जितना महिलाओं से है।
उम्र से संबंधित समस्याएं
अमेरिकी शोध की मानें तो दफ्तर का तनाव समय से पहले ही बढ़ी उम्र की समस्याओं को बढ़ाता है। काम का तनाव जितना अधिक होता है शरीर में मौजूद टेलोमेयर्स (उम्र से संबंधित विशेष प्रकार का डीएनए) उतना ही कम होता है।
अवसाद
पीएलओएस वन में 2011 में प्रकाशित शोध में पाया गया है जो लोग प्रतिदिन 11 घंटे से अधिक देर तक काम करते हैं उनमें अवसाद का खतरा दोगुना होता है। वेबएमडी के अध्ययन की मानें तो बहुत अधिक अवसाद ही नौकरीपेशा लोगों को स्ट्रोक या हार्ट अटैक की स्थिति में पहुंचा देता है।
रिश्तों में कड़वाहट
अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन के शोध की मानें तो दफ्तर में देर तक काम करने वाले लोगों का तनाव उनके व्यक्तिगत संबंधों को भी भारी पड़ता है। करीब 79 प्रतिशत नौकरीपेशा पुरुषों और 61 प्रतिशत नौकरीपेशा महिलाओं ने इस शोध में माना कि उनके दफ्तर का तनाव उनके व्यक्तिगत संबंधों पर हावी है।