पीरियड्स के दौरान महिलाओं को दर्द, क्रैंप या मिचली जैसी समस्याओं का होना तो सामान्य है पर इसका असर उनके दिमाग पर भी पड़ता है।
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हाल में हुए शोध की मानें तो पीरियड्स के दौरान महिलाओं की मानसिक स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर होती है।
हार्मोनल बदलाव भी एक वजह
यूनिवर्सिटी ऑफ बाथ के शोधर्ताओं ने अपने शोध में माना है कि पीरियड्स के दिनों में दर्द व हार्मोनल बदलाव के कारण महिलाएं एकाग्र नहीं हो पाती हैं जिस वजह से उनकी मानसिक गतिविधियां प्रबावित होती हैं।
शोधकर्ता डॉ. एड केओग के अनुसार, ''पीरियड्स के दौरान हर समय दर्द या क्रैंप बेहद सामान्य है लेकिन इसका प्रबाव महिलाओं की दिनचर्या के अलावा उनकी मानसिक स्थिति पर भी पड़ता है।''
शोधकर्ताओं ने 52 महिलाओं को एक ही कार्य पीरियड्स के दिनों और सामान्य दिनों में कराकर उनकी मानसिक स्थिति का तुलनात्मक अध्ययन किया और इस आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है।