Radish Carrot Pickle Recipes: सर्दियां आते ही रसोई में तरह- तरह के लजीज पकवान बनना शुरू हो जाते हैं। इस मौसम में खाने का स्वाद और भी ज्यादा अच्छा लगने लगता है। कई तरह की मौसमी सब्जियां खाने के विकल्प को बढ़ा देती हैं। ऐसे में अगर सब्जी, दाल या मेथी और पालक के गर्मागर्म पराठों के साथ अगर अचार मिल जाए तो स्वाद और बढ़ जाए। खासकर अगर अचार घर का बना हुआ हो।
इस मौसम में ताजी मूली और गाजर की भरमार रहती है। यही समय है जब आप घर में अचार का बड़ा सा कांच का जार भर सकते हैं। मूली–गाजर का अचार न सिर्फ स्वाद बढ़ाता है, बल्कि खाने की थाली में सर्दियों की रंगत भी घोल देता है। लेकिन अक्सर शिकायत रहती है कि अचार जल्दी खराब हो जाता है, पानी छोड़ देता है या लंबे समय तक ताजा नहीं रहता। लेकिन अगर नानी-दादी की पारंपरिक रेसिपी को अपनाकर सर्दियों में गाजर और मूली का अचार तैयार करेंगे तो स्वाद भी गजब का होगा और लंबे समय तक स्टोर भी किया जा सकेगा। ये रही मूली गाजर के अचार की पारंपरिक विधि और सामग्री।
मूली–गाजर का अचार बनाने के लिए सामग्री
- गाजर- 500 ग्राम (लंबी कटी हुई)
- मूली- 500 ग्राम (पतली लंबी कटी)
- हरी मिर्च- 8-10
- अदरक- 100 ग्राम (लंबी कटी)
- सरसों का तेल- 1 कप
- राई (पीसी हुई)- 3 बड़े चम्मच
- मेथी दाना- 1 बड़ा चम्मच
- हल्दी- 1 बड़ा चम्मच
- लाल मिर्च पाउडर- 2 बड़े चम्मच
- नमक- स्वादानुसार
- सिरका- तीन से चार बड़े चम्मच
स्वादिष्ट और लंबे समय तक चलने वाला मूली–गाजर का अचार बनाने की विधि
सब्जियां सुखाएं
अचार बनाने के लिए सबसे पहले और जरूरी स्टेप है सब्जियां अच्छे से धोकर सुखाना। कटी हुई गाजर और मूली को दो-तीन घंटे कपड़े पर फैला कर सुखाएं। जितनी कम नमी होगी, अचार उतना लंबे समय तक चलेगा। यह वही पारंपरिक तरीका है जो दादी–नानी हमेशा अपनाती थीं।
मसालों का देसी तड़का
मेथी दाना हल्का सा भूनकर मोटा पीस लें। पीसी हुई राई, हल्दी और लाल मिर्च पाउडर को एक बर्तन में मिलाएं।
सरसों के तेल का सही इस्तेमाल
सरसों का तेल तेज आंच पर धुआं उठने तक गरम करें। फिर हल्का ठंडा होने पर इसे मसालों में डालें। यही तेल अचार को उसकी गर्म, तीखी और पारंपरिक खुशबू देता है।
सब्जियों में मसाला मिलाएं
सुखाई गई गाजर-मूली में मसाला, अदरक और हरी मिर्च डालें। धीरे-धीरे मिलाएं ताकि हर टुकड़ा मसाले में लिपट जाए।
सिरका डालना न भूलें
यह प्राकृतिक प्रिज़र्वेटिव है। इससे अचार खराब नहीं होता और स्वाद भी स्थिर रहता है। लंबे समय तक अचार को ताजा रखने के लिए सिरके का उपयोग किया जाता है।
सही से स्टोर करें
अचार को कांच के सूखे जार में भरकर दो से तीन दिन धूप में रखें। रोज़ जार को हल्का सा हिलाएं ताकि मसाला और तेल बराबर फैले। यही तरीका आपके अचार को तीन से चार महीने तक ताज़ा रख सकता है।