घर पर आए मेहमानों का मुस्कुराते हुए स्वागत करना चाहिए। अगर वो आपसे बड़े हैं तो उन्हें नमस्ते कहना न भूलें। इसके साथ ही उनके हाथ से सामान लेकर सही जगह पर रखें। मेहमान का स्वागत साफ मन से करना चाहिए। अगर आपके मन में क्रोध, जलन या हिंसा होगी तो आपको इसका फल नहीं मिलेगा।
रसोई में कुछ भी पकाने से पहले पूछ लें कि वे खाने में क्या खाना पसंद करेंगे। आखिरी मिनट में पूछकर अफरा-तफरी करने से अच्छा है आप पहले ही उनकी पसंद जान लें और उनके आने से पहले सारी तैयारियां करके रखें। ऐसा करने से आप हड़बड़ी में कुछ खराब भी नहीं करेंगे और किचन की जगह उनके साथ समय बिता पाएंगे।
क्रॉकरी पहले से निकालकर साफ करके रख लें। मेहमानों के आने से पहले अपने डाइनिंग टेबल पर प्लेट्स, नेपकिन, ग्लास आदि पहले से सेट करके रखें। इससे जब आप खाना सर्व करेंगे तो पहले से ही सारी चीजें मेज पर मौजूद होंगी। पहले से ये तैयारी करके नहीं रखेंगे तो आपका एक पैर डाइनिंग टेबल और दूसरा किचन में रहेगा, जिससे खातिरदारी में कई कमियां आ सकती हैं।
जिस कमरे में मेहमानों को बैठाना है उसकी अच्छे से साफ-सफाई कर लें। मेहमान रुकने आ रहे हैं तो कमरे में रखा फालतू सामान स्टोर रूम में डाल दें। उनका सामान रखने के लिए रैक खाली कर दें। बाथरूम में एक साफ तौलिये का इंतजाम रखना न भूलें.
हर चीज को एंजॉय करें। मेजबान के माथे पर परेशानी की लकीरें मेहमान को कभी अच्छी नहीं लगती। चेहरे पर जरा भी शिकंद न आने दें। अगर रोटी थोड़ी जल गई है तो उसमें अच्छे से घी लगा दें। सब्जी में नमक ज्यादा डल गया है तो नींबू मिला दें। रिश्तेदारों और दोस्तों से मिलना रोज-रोज नहीं होता। ऐसे में टेंशन साइड में रखकर बस मस्त होकर क्वालिटी टाइम स्पेंड करें।
मेहमानों के लिए जब खाना बनाएं तो कोई ऐसी डिश न बनाएं जो आपने पहले कभी नहीं बनाई हो। कुछ ऐसा ही बनाएं जो आप हमेशा से बनाती आ रही हैं। घर आए मेहमानों को जाते समय कुछ न कुछ उपहार देने का भी विधान है। तो विदाई के वक्त अपने मेहमान को घर से खाली हाथ न भेजें।