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मीठे के शौक से जुड़ा है याद्दाश्त खोने का खतरा, वक्त रहते संभल जाएं

Fri, 12 May 2017 12:42 PM IST
amarujala.com- Presented by: मंजू ममगाईं
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मीठे पेय
अगर आपको बार-बार चीजें भूलने  की आदत हो रही है तो वक्त आ गया है कि आप अपने खान-पान पर ध्यान दें। आज के दौर में जब हमें प्यास लगती है तो हम पानी की जगह मीठे पेय पदाथों को चुनते हैं। जो  हमारे लिए खतरा बनते जा रहे हैं। जी हां एक शोध में पता चला है कि मीठे पेय पदार्थ याददाश्त के लिए नुकसानदेह होते हैं।
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मीठा पेय
इस शोध में बताया गया है कि मीठे पेय पदार्थो से स्ट्रोक और डिमेंशिया होने का खतरा बना रहता है। साथ ही ये मीठे पेय पदार्थ दिमाग की याददाश्त पर बुरा प्रभाव डालते हैं।
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मीठे पेय
इस शोध को दो पत्रिकाओं में प्रकाशित किया गया। जिसमें से एक  'अल्जाइमर्स एंड डिमेंशिया' नाम की पत्रिका में कहा गया है कि मीठे पेय पदार्थो का सेवन करने वालों में खराब स्मृति, दिमाग के आयतन में कमी और खास तौर से हिप्पोकैम्पस छोटा होता है। हिपोकैम्पस दिमाग का वह भाग होता है जो सीखने और स्मृति के लिए जिम्मेदार होता है।


 

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मीठे पेय
जबकि इस शोध का दूसरा भाग  'स्ट्रोक' नाम की पत्रिका में प्रकाशित किया गया। इसमें बताया गया कि जो लोग दिन में रोज सोडा पीते हैं उन में स्ट्रोक और डिमेंशिया का खतरा ज्यादा बना रहता है। जबकि जो लोग ये पेय पदार्थ नहीं पीते उनमें इसका खतरा तीन गुना कम होता है।
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मीठे पेय
शोधकर्ताओं ने कृत्रिम मीठे को लेकर इनसे होने वाले हानिकारक प्रभावों के बारे में भी बताया। बोस्टन विश्वविद्यालय के प्रमुख लेखक मैथ्यू पेस का कहना है कि, "हमें इस दिशा में अभी और अधिक काम करने की जरूरत है।"
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