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आयुर्वेदिक की मानें तो छोटी-बड़ी इलायची गुणों में होती है बिल्कुल अलग

Fri, 05 Oct 2018 09:56 AM IST
ऊर्जा डेस्क, अमर उजाला
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पाक-कला में मसालों का समुचित उपयोग करना जरूरी है। इसके लिए मसालों के गुण-धर्म का ध्यान रखना आवश्यक है। छोटी-बड़ी इलायची को अधिकांश लोग जानते हैं, लेकिन इनके आयुर्वेदिक गुण 
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भिन्न होते हैं। हालांकि ये दोनों एक ही प्रजाति की हैं। इनके पौधे झाड़ीदार होते हैं और इनके पत्ते जड़ से ही निकलते हैं। कलियां नीचे के पत्तों के सिरे पर आती हैं।

छोटी इलायची- यह हल्के हरे और पीले रंग की होती है। इसके भीतर दाने होते हैं। मसाले के लिए दानों का ही इस्तेमाल किया जाता है। इसका उपयोग मिठाई बनाने में भी किया जाता है। यह त्रिदोषों में संतुलन लाती है और गले को साफ करती है। इससे पाचन शक्ति बढ़ती है। यह दांतों के लिए भी अच्छी है। भोजन के बाद छोटी इलायची खाने से मुंह भी शुद्ध होता है।
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बड़ी इलायची-  इसका फूल पीला या सफेद होता है तथा फल गहरे भूरे रंग का (छोटी इलायची से तीन गुना बड़ा) होता है। इसके भीतर बहुत से दाने होते हैं। इसके दाने मसाले और दवा बनाने के काम आते हैं। निम्न रक्तचाप से पीड़ित लोगों के लिए यह बढ़िया औषधि है। खांसी की औषधियों में इसका प्रयोग होता है। यह ज्वर तथा मुंह और गले की तकलीफों में लाभकारी होती है।
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