वैज्ञानिकों ने एचआईवी संक्रमण की रोकथाम की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अमेरिका के जॉर्ज मैसन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने सोयाबीन में मौजूद जेनिस्टेन नामक तत्व का पता लगाया है जिसकी मदद से एचआईवी को कोशिकाओं में फैलने से रोका जा सकता है।
शोधकर्ताओं का मानना है कि सोयाबीन में मौजूद जेनिस्टेन कोशिकाओं की ऊपरी परत पर ही एचआईवी को प्रवेश करने से रोक सकता है। यह कोशिकाओं के बीच सिग्नल का काम करता है जिससे कोशिकाएं अपनी संरचना बदल लेंगी और वायरस उनमें नहीं प्रवेश कर सकेगा।
शोधकर्ता युंताओ वू इस बारे में बताते हैं, 'वायरस से सीधे लड़ने के बजाय जेनिस्टेन कोशिकाओं में मिलकर संक्रमण को रोकने का काम करता है और इसकी प्रणाली अब तक इस्तेमाल में लाने जाने वाली दवाओं से बहुत अलग है। यही वजह है कि यह एचआईवी को प्रतिरोधी नहीं होने देगा।' युंताओं और उनकी टीम इस उपलब्धि से इतनी उत्साहित है कि अगर उनके इस शोध को हरी झंडी मिल जाए तो इस दिशा में वे एचआईवी की दवा पर काम करेंगे।
हां, अगर आप यह सोच रहे हैं कि सोयाबीन अधिक मात्रा में खाने से एचआईवी नहीं होगा तो ऐसा नहीं है। शोधकर्ताओं का मानना है कि ऐसा कतई नहीं है कि सोयाबीन या इससे बने उत्पाद अधिक मात्रा में खाने से एचआईवी से बचाव संभव है। जेनिस्टेन सोयाबीन के अलावा दूसरे पौधों में भी हो सकता है।
शोधकर्ताओं का मानना है कि यह शोध अभी अपने प्रारंभिक चरण में है और सोयाबीन में मिले जेनिस्टेन का प्रभावी तरीके से इस्तेमाल किस तरह किया जा सकता है, इसे लेकर अभी अधिक अध्ययन की आवश्यकता है।