चावल हर जगह ही बच्चों के पहले भोजन के तौर पर खिलाया जाता है। ये मानकर कि ये बहुत पौष्टिक और पेट भरने वाला होगा। लेकिन एक शोध में सामने आया है कि बच्चों को चावल खिलाने से यूरीन में ऑरसेनिक का स्तर बढ़ जाता है। पहले के शोध बताते हैं कि यूरीन में ऑरसेनिक का स्तर बढ़ने से बच्चें का इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है जिससे वो जल्दी-जल्दी बीमारा पड़ने लगता है। इसके अलावा दिमाग के विकास पर भी असर पड़ता है।
अमेरिका के डार्टमाउथ यूनिवर्सिटी के शोध में सामने आया है कि जो बच्चे जन्म के पहसे साल में चावल या चावल से बनी चीजें खाते हैं उनके यूरीन में ऑर्सेनिक का स्तर बढ़ जाता है। 2011 से 2014 तक किे गए इस शोध में 759 बच्चों को शामिल किया गया है। इन सभी बच्चों पर फोन इंटरव्यू के जरिए अगले 12 महीने तक हर चार महीने बाद नजर रखी गई। इसमें सफेद चावल और ब्राउन राइस दोनों को शामिल किया गया है।
2013 में बच्चों के यूरीन के सैम्पल लिए गए जिसमें साथ ही पिछले 3 दिन के खाने का भी रिकार्ड भी रखा गया। जिसमें पाया गया कि आर्सेनिक का स्तर उन बच्चों की अपेक्षा ज्यादा पाया गया जो जन्म के पहले साल में चावल नहीं खाते थे।
एक बात और सामने आई कि चावल से बने अनाज खाने वाले बच्चों के यूरीन में ज्यादा आर्सेनिक पाया गया बजाए कि चावल के बने स्नैक्स खाने वालों में।