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Rainy Season Craving: बारिश शुरू होते ही क्यों बढ़ जाती है चाय-पकोड़े की तलब? जानिए असली कारण

Thu, 09 Jul 2026 10:58 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

Rainy Season Food Craving:बारिश के मौसम में चाय और पकोड़े खाने की इच्छा बढ़ने का मुख्य कारण ठंडा मौसम, मिट्टी की खुशबू, भावनात्मक जुड़ाव और मस्तिष्क में डोपामिन व सेरोटोनिन जैसे 'फील गुड' हार्मोन का सक्रिय होना है। यही वजह है कि मानसून आते ही अधिकतर लोगों को गरमा-गरम चाय और कुरकुरे पकोड़े खाने की क्रेविंग होने लगती है।
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मानसून में चाय पकौड़े खाने का मन क्यों करता है - फोटो : Ai
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विस्तार
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Monsoon Tea Pakoda Craving : मानसून आ गया है। आजकल कभी भी बारिश होने लगती है। इस मौसम की पहचान ही है, बरसात की बूंदें, ठंडी हवाएं और भीगी मिट्टी की सौंधी खुशबू और गरमा-गरम चाय के साथ कुरकुरे पकोड़े।

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कई जगहों पर सुबह से ही तेज बारिश हो रही है, ऐसे में उठते ही आपका सबसे पहले मन गर्मागर्म चाय पीने और साथ में पकौड़े खाने का तो जरूर किया होगा? ऐसा सिर्फ आपके साथ नहीं होता। जैसे ही आसमान में बादल छाते हैं और बारिश की बूंदें गिरने लगती हैं, बहुत सारे लोगों को अचानक चाय और पकोड़ों की याद आने लगती है। यह केवल स्वाद की बात नहीं, बल्कि हमारे दिमाग, भावनाओं और मौसम के बीच गहरे संबंध का परिणाम है।

विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के दौरान तापमान में कमी आने से शरीर गर्म और आरामदायक भोजन की ओर आकर्षित होता है। वहीं, बारिश का माहौल बचपन की यादों, परिवार के साथ बिताए पलों और छुट्टियों की स्मृतियों को भी ताजा कर देता है। यही कारण है कि मानसून में चाय और पकोड़े सिर्फ एक स्नैक नहीं बल्कि एक भावनात्मक अनुभव बन जाते हैं।
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हालांकि, इस मौसम में स्वाद का आनंद लेते समय स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। यदि सही सामग्री, साफ तेल और संतुलित मात्रा का ध्यान रखा जाए, तो मानसून का यह स्वाद बिना किसी चिंता के लिया जा सकता है। आइए जानते हैं कि आखिर बारिश के मौसम में चाय-पकोड़े की क्रेविंग क्यों बढ़ जाती है और इसके पीछे क्या कारण छिपे हैं।

बारिश में चाय-पकोड़े खाने का मन क्यों करता है?

 

  • बारिश का मौसम शरीर और दिमाग दोनों को प्रभावित करता है।
  • ठंडी हवा और कम तापमान के कारण शरीर गर्म चीजें खाने की ओर आकर्षित होता है।
  • गरमा-गरम चाय और ताजा तले हुए पकोड़े शरीर को तुरंत गर्माहट और आराम का एहसास देते हैं।


मिट्टी की खुशबू बढ़ाती है भूख

  • पहली बारिश के बाद आने वाली मिट्टी की सौंधी खुशबू हमारे दिमाग के उन हिस्सों को सक्रिय करती है जो यादों और भावनाओं से जुड़े होते हैं।
  • इससे मन अच्छा होता है और स्वादिष्ट भोजन खाने की इच्छा भी बढ़ जाती है।


हैप्पी हार्मोंस बढ़ते हैं?
 

  • बारिश का शांत वातावरण, हल्की ठंड और पसंदीदा खाना डोपामिन तथा सेरोटोनिन जैसे हार्मोन के स्राव को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।
  • यही वजह है कि चाय की पहली चुस्की और गरमा-गरम पकोड़े खाने के बाद मन को संतुष्टि महसूस होती है।


बचपन की यादें भी हैं बड़ी वजह

  • अधिकांश भारतीय परिवारों में बारिश के मौसम का मतलब होता है चाय और पकोड़े।
  • यही परंपरा बचपन से हमारी यादों में बस जाती है।
  • जैसे ही बारिश होती है, वही यादें दोबारा ताजा हो जाती हैं।
  • मन उसी स्वाद को फिर से जीना चाहता है।


मौसम बदलने पर शरीर की जरूरतें भी बदलती हैं

  • मानसून में तापमान कम होने से शरीर गर्म और ऊर्जा देने वाले खाद्य पदार्थों की ओर अधिक आकर्षित हो सकता है।
  • इसलिए चाय, सूप और तले हुए स्नैक्स की मांग इस मौसम में बढ़ जाती है।

 


क्या रोज पकोड़े खाना सही है?

  • स्वाद लेना अच्छी बात है, लेकिन अधिक मात्रा में तली हुई चीजें खाने से वजन बढ़ सकता है।
  • इससे पाचन संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं।
  • इसलिए सप्ताह में एक या दो बार सीमित मात्रा में पकोड़े खाना बेहतर विकल्प माना जाता है।


मानसून में हेल्दी विकल्प

  • बेसन में पालक, प्याज, मेथी और दाल मिलाकर पकोड़े बनाएं।

  • बार-बार इस्तेमाल किए गए तेल से बचें।

  • अदरक और तुलसी वाली चाय पिएं।

  • पकोड़ों के साथ हरी चटनी का सेवन करें।

  • सीमित मात्रा में ही तले हुए स्नैक्स खाएं।


मानसून में रखें इन बातों का ध्यान

  • खुले में मिलने वाले तले हुए खाने से बचें।

  • साफ और ताजा तेल का उपयोग करें।

  • गर्मागर्म भोजन ही खाएं।

  • बारिश में भीगने के तुरंत बाद गर्म पेय लें।

  • पर्याप्त पानी पीते रहें।

 

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