Moongfali Sabzi Recipe: स्वाद चाहिए और सेहत भी चाहिए, वो भी बहुत कम खर्च में तो मूंगफली को अपने खाने में शामिल करें। अब आप कहेंगी, आप पहले से ही मूंगफली का सेवन करती हैं, कभी मूंगफली की चटनी के रूप में तो कभी रोस्टेड मूंगफली के तौर पर एक स्नैक्स के रूप में। लेकिन क्या कभी आपने मूंगफली को अपने भोजन का मुख्य व्यंजन बनाया है?
मूंगफली को हम अक्सर चटनी, नमकीन या हल्की भूख मिटाने वाला स्नैक मान लेते हैं। लेकिन सच ये है कि मूंगफली एक पूरी सब्जी बनने की काबिलियत रखती है। महाराष्ट्र, कर्नाटक और ग्रामीण उत्तर भारत में मूंगफली की सब्जी पीढ़ियों से बनती आ रही है। यह एक सादा, पौष्टिक और पेट भर देने वाली रेसिपी है। अगर रोज-रोज की सब्जियों से मन ऊब गया है, तो यह रेसिपी रसोई में ताज़ी हवा बनकर आएगी।
मूंगफली प्रोटीन और हेल्दी फैट से भरपूर होती है। इसका सेवन लंबे समय तक पेट भरा रखती है। बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक सभी के लिए फायदेमंद है और बिना ज्यादा मसालों के भी स्वादिष्ट बनता है। अब इतने फायदे हैं तो क्यों न लंच या डिनर में मूंगफली की सब्जी बनाई जाए। यहां मूंगफली की सब्जी बनाने की सामग्री और पूरी विधि दी जा रही है।
सब्जी बनाने के लिए सामग्री
- कच्ची मूंगफली (छिली हुई) – 1 कप
- प्याज – 1 (बारीक कटा)
- टमाटर – 1 (पिसा हुआ)
- लहसुन – 5–6 कलियां
- हरी मिर्च – 1 (वैकल्पिक)
- हल्दी – आधा छोटा चम्मच
- धनिया पाउडर – 1 टीस्पून
- लाल मिर्च – स्वादानुसार
- जीरा – आधा छोटा चम्मच
- सरसों का तेल या मूंगफली का तेल – 2 टेबलस्पून
- नमक – स्वादानुसार
- हरा धनिया – सजाने के लिए
मूंगफली की सब्जी बनाने की विधि
स्टेप 1- सबसे पहले मूंगफली को हल्का उबाल लें या कुकर में 1 सीटी लगा लें। ध्यान रहे मूंगफली गल जाए, लेकिन टूटे नहीं।
स्टेप 2- अब सब्जी का तड़का बनाएं। इसके लिए कढ़ाही में तेल गरम करें।
स्टेप 3- उसमें जीरा डालें। फिर लहसुन और हरी मिर्च डालकर खुशबू आने तक भूनें।
स्टेप 4- अब प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें।
स्टेप 5- इसके बाद टमाटर प्यूरी, हल्दी, धनिया पाउडर और लाल मिर्च डालें।
स्टेप 6- मसाला तब तक भूनें जब तक तेल अलग न दिखने लगे।
स्टेप 7- इसमें उबली मूंगफली डालें और हल्का पानी डालकर 8-10 मिनट धीमी आंच पर पकाएं।
स्टेप 8- ध्यान रखें कि ग्रेवी ज्यादा गाढ़ी न रखें। थोड़ी रसीली ही स्वाद बढ़ाती है।
स्टेप 9- नमक डालें, ऊपर से हरा धनिया छिड़कें और गैस बंद कर दें।
गरम-गरम बाजरे या ज्वार की रोटी के साथ सर्व करें।
बनाते समय लहसुन-प्याज न डालें तो व्रत में भी सेवन कर सकते हैं।