बच्चों को बात-बात पर पेरासिटामोल और कालपोल जैसी दवाएं देने वाले अभिभावक सावधान हो जाएं। हाल में एक शोध में यह तथ्य सामने आया है कि बच्चों को बहुत अधिक पेरासिटामोल और कालपोल खिलाने से उन्हें दमा होने की आशंका अधिक होती है।
कोपेनहेगेन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने अपने शोध के आधार पर माना है कि बच्चों के शुरुआती पांच साल के भीतर उन्हें पेरासिटामोल की जितना डोज दिया जाता है उतनी ही उन्हें दमा होने की आशंका बढ़ती है। उन्होंने यह भी माना कि पेरासिटामोल बच्चों को देने से उन्हें एलर्जी होने की आशंका भी अधिक हो जाती है। हालांकि इस शोध में अभी तक इसके पीछे के कारण का पता नहीं चला है।
शोधकर्ता प्रोफेसर हैन्स बिस्गार्ड ने बताया, पेरासिटामोल के इस साइड एफेक्ट्स को देखते हुए अभिभावकों को बच्चों को यह दवा देने से बचना चाहिए। बहुत अधिक तेज बुखार होने पर ही यह दवा देनी चाहिए।
शोधकर्ताओं ने 336 बच्चों के जन्म से लेकर तीन साल की उम्र तक उनका अध्ययन किया। इन सभी बच्चों की माताओं को दमा की शिकायत थी। शोध में पाया गया कि 19 प्रतिशत बच्चे जिन्हें पेरासिटामोल की डोज अधिक दी गई, उनमें दमा के लक्षण पाये गए। पेरासिटामोल की डोज दोगुनी करने पर इनमें दमा का रिस्क 28 प्रतिशत बढ़ गया।
हालांकि हैन्स मानते हैं कि अभी प्राप्त जानकारी के आधार पर वह पूरी तरह किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं पर इस शोध से उन्हें अपना अध्ययन बढ़ाने की एक दिशा मिल गई है। इस शोध का विस्तृत विवरण 'जर्नल ऑफ एलर्जी एंड क्लीनिकल इम्यूनोलॉजी' में प्रकाशित हुआ है।