नेत्रदान, हृदय दान या किडनी का ट्रांसप्लांट, इनके बारे में आपने बहुत कुछ सुना-पढ़ा होगा लेकिन अब बोलने में अक्षम लोगों को आवाज दान करना भी सभंव होगा।
बोस्टन के वैज्ञानिक वोकल आईडी नामक प्रोग्राम तैयार किया है जिसमें आवाज को रिकॉर्ड करके उसकी मदद से बोलने में दिक्कत महसूस करने वाले लोगों की मदद की जा सकती है।
इसकी मदद से बोलने में अक्षम व्यक्ति को कंप्यूटरकृत आवाज की जगह व्यक्ति विशेष की आवाज मिल जाएगी जिससे उसकी बोली स्पष्ट लगेगी और उसकी आवाज अधिक स्वाभाविक लगेगी।
इससे अलग-अलग उम्र और लिंग के लोगों की आवाज को कंप्यूटर के जरिए बोलने में असुविधा महसूस करने वाले लोगों को देना संभव हो सकेगा।
हांलांकि वैज्ञानिकों का मानना है कि यह प्रक्रिया अभी अपने शुरुआती चरण में ही है और इसे उपयोग में लाने में अभी काफी समय है।