एक नए अध्ययन में कहा गया है कि अगर घर का कोई सदस्य ब्रेन स्ट्रोक का शिकार हो चुका है, तो ब्रेन स्कैन के जरिए भविष्य के खतरों का पता लगाया जा सकता है।
इसके अनुसार माइल्ड, नॉन डिसेबलिंग स्ट्रोक आने के 24 घंटों के अंदर अगर मरीज के दिमाग का स्कैन हो जाए, तो दूसरा स्ट्रोक आने के हाई रिस्क के वक्त का पता चल सकता है।
कनाडा की ओटावा यूनीवर्सिटी से जुड़े शोधकर्ता जेफ्री पेरी के मुताबिक टीआईए स्ट्रोक के बाद सभी मरीजों को सीटी स्कैन करा लेना चाहिए।
स्कैन के जरिए मिली तसवीरों से डॉक्टर इस बात का पता लगा सकते हैं कि दिमाग की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त होने का पैटर्न क्या है।