जिन्हें दवा की गोली निगलना बेहद झंझट और मुश्किल काम लगता है उनके लिए अब गोलियों का बेहतरीन विकल्प होगा।
यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ डेनमार्क के शोधकर्ताओं ने कड़वी दवाओं के विकल्प के तौर पर नाक के रास्ते स्प्रे से दवाएं शरीर में पहुंचाने का विकल्प खोजा है।
शोधकर्ताओं ने स्प्रे की मदद से नाक के रास्ते दिमाग संबंधी रोगों की दवा पहुंचाने का प्रयास किया है।
शोधकर्ता मस्सीमिलियानो डी कांगो के अनुसार, ''दिमाग से जुड़ी समस्याओं में मरीजों को बहुत हेवी डोज वाली दवाएं लेनी पड़ती हैं। हमने इसके उपचार का अधिक प्रभावी और आसान उपाय अपने शोध में खोजा है। नाक के छिद्र को हम दवाओं के प्रदान के लिए सुरक्षित मार्ग मान सकते हैं।''
फिलहाल शोधकर्ताओं ने कुच खास किस्न की दवाओं का परीक्षण किया है और इसके आधार पर माना है कि नाक के जरिए दवा लेने से आराम भी अपेक्षाकृत जल्दी मिलता है।
यह शोध इंटरनेशनल जर्नल ऑफ फार्मास्युटिक्स में प्रकाशित हुआ है।