उम्र बढ़ने के साथ-साथ महिलाओं में मेनोपॉज तो आम है लेकिन क्या आपको पता है कि मेनोपॉज की स्थिति पुरुषों में भी हो सकती है? जी हां, मेसाचुसेट्स जनरल अस्पताल के शोध की मानें तो उम्र बढ़ने के साथ-साथ पुरुषों में भी मेनोपॉज की स्थिति आ सकती है।
शोधकर्ताओं का मानना है कि जिस तरह बढ़ती उम्र में महिलाओं में एस्ट्रोजेन नामक हार्मोन की कमी से कामेच्छा कम होती हैं व हार्मोनल बदलाव होते हैं, उसी तरह पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन व एस्ट्रोजेन हार्मोन भी उम्र बढ़ने के साथ-साथ कम हो सकता है जिसका प्रभाव उनके लिए कामेच्छा में कमीं या एरेक्टाइल डिफ्यूजन हो सकता है।
शोध के दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि किस तरह उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों के शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम होता है। इस दौरान शोधकर्ताओं ने करीब 100 पुरुषों का उपचार किया जिनमें उम्र बढ़ने के साथ-साथ टेस्टोस्टेरोन व एस्ट्रोजेन का स्तर कम होता है।
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शोधकर्ता डॉ. जोएल एस. फिंकेलस्टेन के अनुसार, ''कई बार पुरुषों में कम टेस्टोस्टेरोन के कारण होने वाली समस्याएं जैसे कामेच्छा में कमी, वजन बढ़ना हड्डियां कमजोर होना आदि और भी बदतर हो जाती हैं जब उनके शरीर में एस्ट्रोजेन की मात्रा भी कम होती है।''
तो क्या हर पुरुष के लिए यह स्थिति अनिवार्य है? जवाब है नहीं। पुरुषों में यह समस्या उस स्थिति में अधिक होती है जब उनमें प्रोस्टेट कैंसर या इससे जुड़ी समस्या की आशंका हो। शोधकर्ताओं का मानना है कि सेहतमंद जीवनशैली और सही उपचार से इस समस्या से निपटा जा सकता है।